पुतिन के घर पर हमले की खबर निकली कोरी अफवाह? अमेरिका की लेटेस्ट रिपोर्ट ने दुनिया को चौंकाया

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News India Live, Digital Desk : रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग में कब कौन सी खबर आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। हाल ही में पूरी दुनिया में इस बात को लेकर हलचल मच गई थी कि क्या रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास को किसी बड़े हमले का निशाना बनाया गया है? जैसे ही यह खबर उड़ी, हर कोई ये सोचने लगा कि अगर रूस के सबसे सुरक्षित ठिकाने पर हमला हुआ है, तो अब रूस की जवाबी कार्रवाई कितनी भयानक होगी।

अफवाहों का बाज़ार और अमेरिकी रिपोर्ट

सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के कुछ गलियारों में दावे किए जा रहे थे कि पुतिन के निवास स्थान के पास कुछ धमाके सुने गए हैं या उसे निशाना बनाने की कोशिश हुई है। लेकिन अब इस मामले में दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका की तरफ से एक बड़ी सफाई आई है।

अमेरिकी खुफिया विभाग (US Intelligence) ने अपनी जाँच और डेटा के आधार पर साफ़ तौर पर कहा है कि उन्हें पुतिन के आवास पर किसी भी तरह के हमले का कोई सबूत नहीं मिला है। यह एक ऐसा खुलासा है जिसने उन तमाम अटकलों पर पानी फेर दिया है जो युद्ध के भड़कने का संकेत दे रही थीं।

हकीकत आखिर क्या है?

जंग के दौर में 'इंफॉर्मेशन वॉर' (Information War) यानी सूचनाओं की लड़ाई बहुत अहम होती है। कई बार दुश्मन का हौसला गिराने के लिए या मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने के लिए ऐसी खबरें फैलाई जाती हैं। अमेरिका का मानना है कि जो दावे किए गए, उनके पीछे कोई ठोस तथ्य नहीं थे। उनकी सैटेलाइट तस्वीरों और ग्राउंड लेवल की खुफिया जानकारियों में पुतिन के घर या उनके किसी ख़ास ठिकाने पर किसी मिसाइल या ड्रोन के गिरने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

इतना बड़ा सस्पेंस क्यों बना?

देखा जाए तो, पुतिन की सुरक्षा हमेशा से दुनिया के लिए एक मिस्ट्री रही है। उनके काफिले और उनके घरों को लेकर अक्सर खबरें आती रहती हैं। जब यूक्रेन की सीमा के पास से कोई ड्रोन गुजरता है, तो डर बैठ जाता है कि कहीं निशाना 'क्रेमलिन' या राष्ट्रपति का निजी घर तो नहीं है। लेकिन इस बार, अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि मामला वैसा नहीं है जैसा कि हवा दी गई।

इसका आगे क्या होगा असर?

अमेरिका का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर वह चुप रहता, तो शायद रूस इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मानकर यूक्रेन पर और कड़ा प्रहार कर देता। अब जब ये साफ हो गया है कि ये एक अफवाह थी या इसमें कोई दम नहीं था, तो तनाव को थोड़ा कम करने में मदद मिल सकती है।

खैर, जंग के मैदान में सच सबसे पहले मारा जाता है। देखना यह होगा कि क्या रूस इस अमेरिकी दावे को स्वीकार करता है या फिर वह अपनी ही किसी जांच रिपोर्ट के साथ सामने आता है। फिलहाल तो, पुतिन के सुरक्षित होने और हमले की बात को खारिज करने वाली खबर ही हेडलाइन बनी हुई है।