न्यूयॉर्क की सत्ता और कुरान पर हाथ ,जोहरान ममदानी ने शपथ लेकर रच दिया वो इतिहास, जिसकी गूँज भारत तक है
News India Live, Digital Desk: एक नौजवान जो कुछ समय पहले तक लोगों की आवाज़ बनकर न्यूयॉर्क की गलियों में प्रदर्शन कर रहा था, आज वही शख्स दुनिया के सबसे ताकतवर शहर की कमान संभाल रहा है। जोहरान ममदानी का न्यूयॉर्क का मेयर बनना कोई साधारण बात नहीं है। यह जीत उन सभी प्रवासियों और संघर्ष करने वाले लोगों की जीत मानी जा रही है जो अपनी पहचान को शान से जीते हैं।
जब गूँज उठी शपथ ग्रहण की रस्म
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान का वो मंजर काफी भावुक था। जब जोहरान ने अपना हाथ कुरान पर रखा और संविधान के प्रति वफादारी की कसम खाई, तो वहां मौजूद लोगों ने खड़े होकर उनका सम्मान किया। जोहरान ने साबित किया कि अपनी संस्कृति और जड़ों को साथ लेकर भी दुनिया के शिखर तक पहुँचा जा सकता है।
जोहरान की पहचान केवल उनके नाम या धर्म से नहीं है, बल्कि उनकी उस प्रगतिशील सोच से है जिसे उन्होंने अपने कार्यकाल में दिखाया है। वे हमेशा आम लोगों के हक, सस्ती बिजली और मजदूरों की बात करते आए हैं। यही वजह है कि न्यूयॉर्क की जनता ने उन्हें इस बार एक नई और बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी है।
कौन हैं जोहरान ममदानी?
जोहरान का परिवार भारतीय मूल का है और उनका जुड़ाव भारत की मिट्टी से रहा है। मशहूर फिल्म निर्माता मीरा नायर के बेटे जोहरान ने न्यूयॉर्क में राजनीति को उस नजरिए से देखा जिसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता था। उनकी जीत ने यह संदेश दिया है कि राजनीति अब सिर्फ नाम या पुराने परिवारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें अब आम जनता के बीच से निकले नायकों के लिए भी जगह है।
आगे की चुनौती और उम्मीद
मेयर बनने के बाद जोहरान के सामने अब चुनौतियां कम नहीं हैं। हाउसिंग क्राइसिस से लेकर बढ़ते किराए और हेल्थ सुविधाओं तक, न्यूयॉर्क उनसे कई उम्मीदें पाले हुए है। पर जिस अंदाज़ में उन्होंने आज शपथ ली है, उससे उनके चाहने वालों को यकीन है कि वे अपनी जड़ों से जुड़कर ही शहर को एक नया रास्ता दिखाएंगे।
इस घटना की चर्चा सिर्फ अमेरिका में नहीं, बल्कि दुनिया के हर उस हिस्से में हो रही है जहाँ लोग विविधता (Diversity) और बराबरी का सम्मान करते हैं