वंदे भारत पर पत्थर फेंका तो अब सीधे जेल 665 लोग गिरफ्तार ,6 महीने के अंदर इतने लोग पहुँचे सलाखों के पीछे
News India Live, Digital Desk: भारत की नई और हाई-टेक वंदे भारत ट्रेनों को लेकर हम सभी उत्साहित रहते हैं। शानदार लुक और तेज रफ़्तार वाली इन ट्रेनों ने भारतीय रेलवे की तस्वीर बदली है। लेकिन इसी के साथ एक ऐसी कड़वी सच्चाई भी सामने आई है जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी हैवो है वंदे भारत ट्रेनों पर पत्थरबाजी।
अक्सर आपने सुना होगा कि कहीं न कहीं किसी असामाजिक तत्व ने ट्रेन पर पत्थर फेंक दिया, जिससे कांच टूट गए और करोड़ों की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ। लेकिन अब सरकार और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) ने साफ़ कर दिया है कि ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
एक्शन में रेलवे: 6 महीने में 665 लोग सलाखों के पीछे
ताजा आंकड़ों की बात करें, तो पिछले महज 6 महीनों में वंदे भारत पर पत्थर फेंकने के आरोप में करीब 665 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह आंकड़ा यह बताने के लिए काफी है कि अब रेलवे चुप बैठने के मूड में नहीं है। पुलिस न सिर्फ सीसीटीवी (CCTV) की मदद ले रही है, बल्कि पटरियों के आसपास ड्रोन से निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
आखिर ऐसा होता क्यों है?
हैरानी की बात यह है कि कई बार पत्थर फेंकने वाले नासमझ या शरारती तत्व होते हैं, जिन्हें ये पता भी नहीं होता कि उनकी एक छोटी सी 'मस्ती' देश की संपत्ति को कितना भारी नुकसान पहुँचा रही है और खुद उनके लिए जेल की वजह बन सकती है। लेकिन प्रशासन अब स्पष्ट संदेश दे रहा है कि 'अज्ञानता' का बहाना अब काम नहीं आएगा। अगर आपने देश की शान, यानी वंदे भारत को नुकसान पहुँचाया, तो आपको उसका भारी हर्जाना भुगतना ही पड़ेगा।
सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, जुर्माने की भी मार
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ जेल भेजना ही मकसद नहीं है, बल्कि दोषियों पर भारी जुर्माना भी लगाया जा रहा है। आरपीएफ लगातार ट्रैक के किनारे वाले गांवों और मोहल्लों में लोगों को जागरूक करने की कोशिश भी कर रही है, ताकि वे खुद भी ऐसी घटनाओं को रोकें और अपने बच्चों को इसके प्रति सचेत करें।
वंदे भारत एक्सप्रेस सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि आधुनिक भारत की एक बड़ी उपलब्धि है। इसकी खिड़कियां तोड़ना या इस पर हमला करना किसी भी मायने में सही नहीं कहा जा सकता। अगर हम ट्रेन की रफ़्तार और सुविधा का फायदा लेना चाहते हैं, तो उसकी सुरक्षा करना भी हम सबकी उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी है।
तो अगली बार, अगर कोई इस तरह की गलती करने की सोचे, तो याद रहे ऊपर प्रशासन की नज़र है और नतीजा जेल भी हो सकता है।