बुढ़ापे की चिंता अब खत्म मोदी सरकार ने अटल पेंशन योजना को लेकर लिया बड़ा फैसला, करोड़ों लोगों को मिलेगी राहत
News India Live, Digital Desk: अक्सर हम अपने बुढ़ापे और भविष्य की बचत को लेकर सोच-सोच कर परेशान रहते हैं। खासकर उन लोगों के लिए यह चिंता ज्यादा बड़ी होती है जो किसी सरकारी नौकरी में नहीं हैं और जिनका अपना कोई छोटा-मोटा काम है। इसी चिंता को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की 'अटल पेंशन योजना' (Atal Pension Yojana) काफी समय से लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।
अब इस योजना से जुड़ा एक बहुत बड़ा और राहत भरा अपडेट सामने आया है। मोदी सरकार ने इस योजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। यानी अब यह स्कीम साल 2030-31 तक जारी रहेगी।
क्या है यह फैसला और आपको इससे क्या फायदा होगा?
सरल शब्दों में कहें तो सरकार ने इसकी मियाद (Continuation) बढ़ा दी है। इसका मतलब है कि आने वाले सालों में भी लोग इस योजना से जुड़ सकेंगे और अपनी पेंशन सुरक्षित कर सकेंगे। यह फैसला कैबिनेट की हालिया बैठक में लिया गया, जिसका सीधा मकसद देश के उन करोड़ों लोगों को सामाजिक सुरक्षा (Social Security) देना है जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं।
चाहे आप रिक्शा चलाते हों, घरों में काम करते हों या आपकी छोटी सी दुकान हो, यह स्कीम खास तौर पर आपके जैसे लोगों के लिए ही डिजाइन की गई है। 2031 तक इसके विस्तार का मतलब है कि सरकार लंबी अवधि तक मध्यम और गरीब वर्ग को सहारा देना चाहती है।
अटल पेंशन योजना इतनी पॉपुलर क्यों है?
इसकी सबसे बड़ी वजह है गारंटी। इसमें आप जैसा निवेश करते हैं, उसी हिसाब से आपको 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की गारंटीड पेंशन मिलती है। इसमें जमा की जाने वाली किश्तें (Installments) बहुत ही कम हैं, जो आम आदमी की जेब पर भारी नहीं पड़तीं।
यही कारण है कि लाखों-करोड़ों लोगों ने अब तक इसमें अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। सरकार को लगता है कि अगर इस स्कीम को आगे बढ़ाया जाता है, तो साल 2030 तक कई और करोड़ लोग इस सुरक्षा घेरे में आ पाएंगे।
आज के समय में क्यों जरूरी है यह स्कीम?
आज जिस तरह से महंगाई बढ़ रही है और बैंक की ब्याज दरें ऊपर-नीचे होती रहती हैं, ऐसे में एक सुरक्षित और तय पेंशन मिलना बहुत बड़ी राहत की बात होती है। अगर आप भी अपने रिटायरमेंट को लेकर गंभीर हैं और चाहते हैं कि 60 के बाद आपको किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े, तो सरकार का यह फैसला आपके लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।
कुल मिलाकर, मोदी सरकार का यह कदम साफ तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के भविष्य को आर्थिक मजबूती देने की दिशा में एक बड़ी कोशिश है। अगर आप अभी तक इस योजना से नहीं जुड़े हैं, तो 2031 तक का समय आपके पास है।