रील वाली रानी निकली हनीट्रैप की मास्टरमाइंड ,150 लोगों को लूटा, लिस्ट में पुलिस इंस्पेक्टर का नाम देख सब रह गए दंग
News India Live, Digital Desk: आजकल की दुनिया में 'फॉलोअर्स' ही सब कुछ बन गए हैं। किसी के ज्यादा फॉलोअर्स देख कर हमें लगता है कि वह इंसान बहुत बड़ा स्टार है। अंशिका के मामले में भी लोगों ने यही सोचा। इंस्टाग्राम पर अंशिका के 7 लाख से भी ज्यादा फॉलोअर्स थे। उसकी रील्स और फोटोज पर लाखों व्यूज़ आते थे। इसी फेम का फायदा उठाकर अंशिका ने लोगों को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
कैसे चलता था हनीट्रैप का ये गंदा खेल?
अंशिका सबसे पहले इंस्टाग्राम पर रईस लड़कों या अधिकारियों को टारगेट करती थी। ज्यादा फॉलोअर्स होने की वजह से लोग उस पर जल्दी भरोसा कर लेते थे। बातचीत शुरू होती, फिर नंबरों का आदान-प्रदान होता और फिर दोस्ती प्यार और नज़दीकियों में बदल जाती। जैसे ही कोई शिकार उसकी बातों में आकर अपनी प्राइवेसी साझा करता या कोई 'पर्सनल' वीडियो बन जाता, अंशिका अपना असली रंग दिखाती।
पुलिस इंस्पेक्टर भी नहीं बच सका जाल से!
सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि इस 'इंस्टा हसीना' ने किसी को नहीं बख्शा। इसके शिकार हुए करीब 150 लोगों की लिस्ट में एक पुलिस इंस्पेक्टर भी शामिल है। आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि यह लड़की कितनी शातिर थी कि जो लोग दूसरों को न्याय दिलाते हैं, वही इसके जाल में फँस गए। लोक-लाज और इज्जत जाने के डर से ज्यादातर लोग इसे चुपचाप पैसा देते रहते थे।
कितनी कमाई कर ली ब्लैकमेलिंग से?
अंशिका ने इन 150 लोगों से मोटी रकम वसूली है। जब एक पीड़ित की हिम्मत बढ़ी और उसने पुलिस से इसकी शिकायत की, तब जाकर ये पूरा साम्राज्य ताश के पत्तों की तरह ढह गया। जांच में पता चला कि वह प्रोफेशनल तरीके से ग्रुप्स चलाती थी और लोगों के निजी पलों को हथियार बनाकर उनसे लाखों रुपये ऐंठती थी।
सोशल मीडिया का एक कड़वा सच
अंशिका की ये गिरफ्तारी हम सबके लिए एक बड़ी चेतावनी है। फोन की स्क्रीन पर दिखने वाला हर हसीन चेहरा और उसके पीछे की मुस्कान सच्ची नहीं होती। लोग रील और लोकप्रियता का इस्तेमाल आज के दौर में क्राइम के लिए हथियार की तरह कर रहे हैं।
फिलहाल यूपी पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और उम्मीद है कि इस सिंडिकेट से जुड़े कई और नाम सामने आएँगे। लेकिन आप हमेशा सतर्क रहें, अनजान लोगों पर सिर्फ उनकी रील या फॉलोअर्स देखकर भरोसा न करें।