लखनऊ KGMU में बड़ी सनसनी, डॉक्टर रमीज़ के लैपटॉप में क्या था ऐसा? फाइलों के नाम देखकर सब रह गए हैरान

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News India Live, Digital Desk: लखनऊ का केजीएमयू अस्पताल अक्सर अपने बेहतरीन इलाज के लिए जाना जाता है, पर इस बार वहां एक विवाद खड़ा हो गया है। यूपी पुलिस ने यहाँ तैनात डॉक्टर रमीज़ के खिलाफ अपनी जांच तेज़ कर दी है। दरअसल, जब पुलिस ने डॉक्टर के कमरों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस की तलाशी ली, तो वहां से कुछ ऐसी चीज़ें मिलीं जो साधारण नहीं थीं।

लैपटॉप में 'अलग' फोल्डर्स और फाइल्स
खबरों की मानें तो डॉक्टर रमीज़ के लैपटॉप में कई ऐसी फाइलें और डेटा मिला है, जो 'हिंदू लड़कियों' के नाम पर बनाई गई थीं। इन फाइलों के अंदर क्या है, इसका खुलासा तो पुलिस पूरी जांच के बाद ही करेगी, लेकिन इस तरह अलग से फ़ोल्डर बनाकर डेटा रखने की बात ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके साथ ही, उनके पास से एक-दो नहीं बल्कि पूरे चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

आख़िर पुलिस ने दबिश क्यों दी?
अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर पर पहले से ही कुछ आरोप लग रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने उनकी जांच शुरू की। केजीएमयू जैसे बड़े संस्थान में सीनियर रेजिडेंट के पद पर रहते हुए इस तरह के संदेहास्पद काम करने की खबर से जूनियर डॉक्टर्स और मरीजों के बीच भी हड़कंप मच गया है।

अस्पताल प्रशासन का क्या कहना है?
इस मामले के सामने आते ही केजीएमयू प्रशासन भी सतर्क हो गया है। आमतौर पर अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और गरिमा सर्वोपरि होती है। अब केजीएमयू मैनेजमेंट और लखनऊ पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या इन फाइलों और डेटा का इस्तेमाल किसी गलत मकसद या ब्लैकमेलिंग के लिए किया जा रहा था।

पुलिस का कहना है कि वे डिजिटल फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से डेटा को डिकोड कर रहे हैं। आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा कि डॉक्टर रमीज़ इन जानकारियों का आखिर करते क्या थे। फिलहाल, लखनऊ पुलिस इस पर करीब से नज़र रखे हुए है और ये मामला शहर में काफी चर्चा बटोर रहा है।