जोमैटो में पैसे लगाने वालों की लग गई लॉटरी ,एक्सपर्ट्स ने बताया अब और कितना ऊपर जाएगा ये शेयर?
News India Live, Digital Desk : आजकल आप जब भी अपना फ़ोन खोलते होंगे, किसी न किसी शेयर की चर्चा तो सुनते ही होंगे। लेकिन इस वक्त दलाल स्ट्रीट (Stock Market) पर जिस नाम का डंका सबसे ज़्यादा बज रहा है, वह है Zomato (जोमैटो)। जी हाँ, जिस ऐप से आप शाम की चाय के साथ स्नैक्स मंगवाते हैं, अब लोग उसके शेयरों को भी उतनी ही तेज़ी से अपने पोर्टफोलियो में भर रहे हैं।
आख़िर ऐसा क्या हुआ कि कल तक जो कंपनी नुकसान में दिख रही थी, आज उसके शेयरों के पीछे निवेशकों की भीड़ लगी है?
ब्लिंकिट (Blinkit) का वो '10 मिनट' वाला जादू
जोमैटो की इस रफ़्तार के पीछे सबसे बड़ा हाथ है उसके क्विक-कॉमर्स बिजनेस यानी 'Blinkit' का। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब लोग खाना कम और घर का किराना या रोजमर्रा का सामान ज़्यादा मंगवा रहे हैं। 10 मिनट के अंदर धनिया, नींबू या साबुन घर पहुँच जाना अब महज़ एक सुविधा नहीं बल्कि लोगों की आदत बन चुकी है। ब्लिंकिट की कमाई की रफ़्तार अब जोमैटो के मेन बिजनेस (फ़ूड डिलीवरी) को टक्कर देने वाली है। यही वजह है कि निवेशक इसे लेकर बहुत उत्साहित हैं।
सिर्फ रफ़्तार नहीं, अब कमाई भी साफ़ दिख रही है
काफी समय तक लोगों को लगता था कि स्टार्टअप्स सिर्फ पैसा फूंकते हैं, लेकिन जोमैटो ने अपनी स्थिति को बदल लिया है। कंपनी ने अपने मुनाफे (Profit Margin) को धीरे-धीरे बेहतर किया है। चाहे वो 'प्लेटफ़ॉर्म फ़ीस' बढ़ाना हो या डिलीवरी के रास्तों को छोटा करके लागत घटाना, कंपनी अब समझ गई है कि पैसा कैसे बचाना है और कैसे बढ़ाना है।
एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं? (Brokerage Recommendations)
कई बड़े-बड़े ब्रोकरेज हाउस जैसे गोल्डमैन सैक्स और यूबीएस (UBS) ने इस शेयर को लेकर अपनी 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा है। कई एक्सपर्ट्स तो यहाँ तक कह रहे हैं कि ये शेयर अपनी वर्तमान कीमत से भी ऊपर जा सकता है। उनकी भाषा में कहें तो "एटरनल" (Eternal) का जो कॉन्सेप्ट कंपनी लेकर आई है, वह इसे भविष्य के लिए एक बड़ा खिलाड़ी बना रहा है।
अब आगे क्या?
मार्केट में फिलहाल जो माहौल है, उसे देखकर ऐसा लगता है कि जोमैटो सिर्फ खाना डिलीवर करने वाली कंपनी नहीं रह गई है, बल्कि वह हमारे शॉपिंग के तरीकों को बदल रही है। यही भरोसा उसे एक मल्टी-बैगर बनाने की राह पर ले जा रहा है।
लेकिन याद रखिये, शेयर मार्केट में जोखिम हमेशा बना रहता है। इसलिए अगर आप भी निवेश की सोच रहे हैं, तो एक्सपर्ट्स की बातों के साथ-साथ अपनी खुद की रिसर्च और फाइनेंशियल प्लानर की सलाह ज़रूर लें। कहीं ऐसा न हो कि आप किसी और की भीड़ के चक्कर में बिना सोचे-समझे पैसे डाल दें।