Cervical Cancer Alert: महिलाओं के लिए 'साइलेंट किलर' है यह कैंसर, शरीर में दिखने वाले इन मामूली संकेतों को न करें नजरअंदाज
नई दिल्ली: आज के समय में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर सर्वाइकल कैंसर एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। यह बीमारी गर्भाशय के निचले हिस्से यानी 'सर्विक्स' में विकसित होती है। सर्वाइकल कैंसर की सबसे डरावनी बात यह है कि शुरुआती चरणों में इसके लक्षण लगभग न के बराबर होते हैं, जिस कारण महिलाएं लंबे समय तक इससे अनजान रहती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस 'साइलेंट किलर' के संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो न केवल इसका इलाज आसान हो जाता है, बल्कि मरीज की जान भी बचाई जा सकती है।
इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
सर्वाइकल कैंसर के लक्षण अक्सर सामान्य संक्रमण जैसे लगते हैं, लेकिन सावधानी ही बचाव है। यदि आपको असामान्य ब्लीडिंग, पीरियड्स के खत्म होने के बाद या बीच में खून आना, शारीरिक संबंध बनाने के बाद रक्तस्राव, पेल्विक (पेड़ू) एरिया में लगातार दर्द या योनि से असामान्य और दुर्गंधयुक्त डिस्चार्ज महसूस हो रहा है, तो यह खतरे की घंटी हो सकती है। इन संकेतों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना अनिवार्य है।
क्या हैं सर्वाइकल कैंसर के मुख्य कारण?
आरएमएल अस्पताल में महिला रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सलोनी चड्ढा के अनुसार, इस कैंसर का सबसे बड़ा कारण ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) संक्रमण है। यह वायरस असुरक्षित यौन संबंधों के जरिए फैलता है और यदि लंबे समय तक शरीर में रहे, तो सर्विक्स की कोशिकाओं को कैंसर की कोशिकाओं में बदल सकता है। इसके अलावा, कम उम्र में यौन जीवन शुरू करना, एक से अधिक पार्टनर होना, कमजोर इम्यून सिस्टम और लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन भी इसके जोखिम को बढ़ा देते हैं। धूम्रपान की आदत भी महिलाओं में इस कैंसर के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है।
किसे है सबसे ज्यादा खतरा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्वाइकल कैंसर का खतरा उन महिलाओं में अधिक होता है जो लगातार एचपीवी संक्रमण की चपेट में रहती हैं। इसके अलावा, जो महिलाएं अपनी पर्सनल हाइजीन का ख्याल नहीं रखतीं या जिनका इम्यून सिस्टम किसी बीमारी के कारण कमजोर हो चुका है, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। नियमित स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच की कमी भी एक बड़ा जोखिम कारक है, क्योंकि इसी वजह से बीमारी का पता अंतिम चरणों में चल पाता है।
बचाव के अचूक उपाय: वैक्सीन और जांच हैं जरूरी
सर्वाइकल कैंसर से बचने का सबसे प्रभावी तरीका HPV वैक्सीन है, जिसे छोटी उम्र में ही लगवाया जा सकता है। इसके साथ ही, सुरक्षित यौन संबंध बनाना और धूम्रपान जैसी बुरी आदतों से दूरी बनाना भी बेहद फायदेमंद है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि महिलाओं को समय-समय पर पैप स्मीयर टेस्ट (Pap Smear Test) या सर्वाइकल स्क्रीनिंग करवाते रहना चाहिए। एक स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं, जिससे शरीर किसी भी संक्रमण से लड़ने में सक्षम होता है।