सोना महंगा हुआ तो बढ़ गई लोन लेने वालों की भीड़, CRISIL की इस रिपोर्ट ने सबको हैरान कर दिया
News India Live, Digital Desk: अगर आपने पिछले कुछ महीनों में सोने के भाव देखे होंगे, तो आपका सिर चकरा गया होगा। सोने की कीमतें सातवें आसमान पर हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि जैसे-जैसे सोना महंगा हो रहा है, गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों (NBFCs) की चांदी हो रही है। हाल ही में CRISIL की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें अनुमान लगाया गया है कि FY27 (साल 2027) तक गोल्ड लोन का बाज़ार ₹4 लाख करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगा।
आखिर सोने पर इतने लोन क्यों लिए जा रहे हैं?
सच कहें तो इसकी सबसे बड़ी वजह है सोने की बढ़ती कीमतें। जब सोने के भाव बढ़ते हैं, तो उतने ही वजन के सोने पर आपको पहले के मुकाबले कहीं ज़्यादा लोन मिल जाता है। इसे टेक्निकल भाषा में 'हायर लोन टू वैल्यू' कहते हैं, पर आप इसे ऐसे समझिए कि कल तक जिस चैन पर आपको 50,000 मिलते थे, आज उसी पर 70,000 या उससे ज़्यादा मिल रहे हैं।
बैंकों से ज़्यादा लोग NBFCs के पास क्यों भाग रहे हैं?
भारत में मुथूट फिनकॉर्प या मणप्पुरम जैसी गोल्ड लोन कंपनियां बहुत मशहूर हैं। इसकी वजह यह है कि यहाँ लोन मिलने का तरीका बड़ा आसान है। बैंकों में कागजी कार्रवाई (Documentation) थोड़ी लंबी हो जाती है, लेकिन ये कंपनियां आधे घंटे में आपके हाथ में कैश या बैंक ट्रांसफर दे देती हैं। मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों के लिए यह एक लाइफलाइन जैसा बन गया है।
CRISIL की रिपोर्ट में और क्या है खास?
CRISIL का मानना है कि आने वाले दो सालों में ये गोल्ड लोन देने वाली कंपनियां (Gold Loan NBFCs) 17 से 18 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ेंगी। पहले लोगों को लगता था कि सोना गिरवी रखना अच्छी बात नहीं है, पर अब यह 'स्मार्ट फाइनेंस' का हिस्सा बन चुका है। लोग पर्सनल लोन लेने के बजाय गोल्ड लोन लेना बेहतर समझते हैं क्योंकि यहाँ ब्याज दरें (Interest Rates) अक्सर कम होती हैं और आपकी सिबिल स्कोर की ज्यादा झंझट भी नहीं होती।
एक जरूरी सलाह
माना कि गोल्ड लोन लेना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और आकर्षक हो गया है, लेकिन सावधान रहना भी उतना ही जरूरी है। चूंकि सोना अब महंगा है, इसलिए आपका छोटा सा लोन भी बड़ी राशि का हो जाता है। अगर आप वक्त पर पैसा नहीं चुका पाए, तो उन 'यादगार' गहनों को हमेशा के लिए खोने का रिस्क भी बढ़ जाता है।
कुल मिलाकर बात इतनी सी है कि आने वाले सालों में सोने का बाज़ार और गर्म होने वाला है। सोना अब सिर्फ शौक के लिए नहीं, बल्कि ज़रूरत के समय सबसे बड़ा 'एटीएम' बनने की राह पर है।