यूपी में बदमाशों का बचना नामुमकिन, बरेली और बुलंदशहर में हुए मुठभेड़ में 4 अपराधी चढ़े पुलिस के हत्थे

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की पुलिस इन दिनों 'जीरो टॉलरेंस' मोड में नजर आ रही है। ताज़ा मामला बरेली और बुलंदशहर का है, जहाँ पुलिस ने बड़ी हिम्मत दिखाते हुए शातिर अपराधियों को दबोच लिया। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब बदमाशों ने घेराबंदी देख पुलिस टीम पर ही फायरिंग शुरू कर दी।

बरेली: हत्या के आरोपी को पुलिस ने ऐसे दबोचा
पहली बड़ी खबर बरेली से आ रही है। यहाँ एक हत्या का मामला काफी चर्चा में था, जिसका मुख्य आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसका पीछा कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर जब पुलिस ने उसकी घेराबंदी की, तो भागने के चक्कर में उसने फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई, जो आरोपी के पैर में जाकर लगी। इस तरह के मामलों को आजकल 'हाफ एनकाउंटर' का नाम दिया जाता है। आरोपी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और अब वह पुलिस की हिरासत में है।

बुलंदशहर: लुटेरों के गैंग का हुआ सफाया
दूसरी तरफ, बुलंदशहर में पुलिस को एक साथ तीन बड़ी कामयाबियां मिलीं। यहाँ बदमाशों का एक गैंग लूटपाट की फिराक में घूम रहा था। चेकिंग के दौरान पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने सरेंडर करने के बजाय मुकाबला करने की ठानी। फिर क्या था, दोनों तरफ से गोलियां चलीं और तीन अपराधी पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने मौके से चोरी के वाहन और अवैध हथियार भी बरामद किए हैं।

कानून का शिकंजा या इत्तेफाक?
उत्तर प्रदेश में हाल के सालों में इस तरह की मुठभेड़ें काफी आम हो गई हैं। पुलिस का कहना है कि वे बदमाशों को पकड़ना चाहते हैं, लेकिन अगर अपराधी अपनी जान बचाने के लिए पुलिस पर हमला करेंगे, तो आत्मरक्षा में जवाब देना ही पड़ेगा। अपराधियों के मन में अब यह बात घर कर गई है कि वारदात करके बच निकलना अब आसान नहीं है।

बुलंदशहर और बरेली की ये घटनाएँ दिखाती हैं कि पुलिस अब रात की गश्त को लेकर कितनी सजग है। लोगों के मन में सुरक्षा का अहसास कराने के लिए विभाग ऐसी सख्त कार्रवाई करना जारी रख सकता है। फिलहाल, गिरफ्तार किए गए सभी अपराधियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है ताकि उनके पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।