अखिलेश को ओवैसी की ज़रूरत नहीं ,शिवपाल यादव ने सपा-AIMIM गठबंधन की अटकलों पर लगाया ताला

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News India Live, Digital Desk : यूपी की राजनीति में 'बुआ-बबुआ' से लेकर 'दो लड़कों की जोड़ी' तक कई प्रयोग देखे गए हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से चर्चा थी कि क्या अखिलेश यादव इस बार ओवैसी का हाथ थामेंगे? राजनीति के जानकारों के मन में यह सवाल इसलिए भी था क्योंकि मुस्लिम वोटों के बंटवारे को रोकना सपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही है। मगर अब अखिलेश यादव के सबसे करीबी सलाहकार और उनके चाचा, शिवपाल सिंह यादव ने सारी स्थिति स्पष्ट कर दी है।

शिवपाल यादव ने क्या कहा?
मीडिया से बातचीत के दौरान जब गठबंधन को लेकर सवाल उठा, तो शिवपाल यादव ने बहुत ही आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि समाजवादी पार्टी अपने आप में एक मजबूत ताकत है और अखिलेश यादव को किसी बाहरी मदद, खासकर ओवैसी जैसे दलों की फिलहाल कोई ज़रूरत नहीं है। उनके इस बयान ने साफ़ संकेत दे दिया है कि सपा आने वाले चुनाव में अपनी ही ताकत और पुराने समीकरणों पर भरोसा करना चाहती है।

ओवैसी को 'किनारे' करने की वजह क्या है?
देखा जाए तो समाजवादी पार्टी और ओवैसी की पार्टी (AIMIM) के बीच अक्सर 'बौद्धिक युद्ध' चलता रहता है। सपा नेता अक्सर दबी जुबान में (या खुलकर भी) AIMIM को 'बी-टीम' कहकर पुकारते रहे हैं, जिसका मतलब ये है कि सपा को लगता है कि ओवैसी के चुनाव लड़ने से विपक्ष का ही नुकसान होता है। अब गठबंधन को ना कहकर शिवपाल ने फिर से यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे ओवैसी को एक गंभीर साझेदार नहीं मानते।

क्या है सपा का प्लान?
हालिया चुनाव परिणामों के बाद समाजवादी पार्टी का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है। पार्टी को लगता है कि उत्तर प्रदेश में 'मुस्लिम-यादव' समीकरण के साथ-साथ अब पिछड़ा वर्ग और दलित वोट बैंक (PDA) भी उनकी ओर खिंचा चला आ रहा है। ऐसे में, ओवैसी को साथ लेकर वे बहुसंख्यक वोटों को खोने या फिर किसी और विवाद में पड़ने का जोखिम नहीं लेना चाहते।

नतीजा:
शिवपाल यादव का यह बयान सिर्फ़ एक बयान नहीं, बल्कि पार्टी की आने वाली चुनावी रणनीति का हिस्सा है। ओवैसी को 'न' कहकर उन्होंने साफ़ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश का मुकाबला वे सीधे तौर पर लड़ना चाहते हैं और उन्हें नहीं लगता कि ओवैसी के बिना उन्हें वोटों का कोई बड़ा घाटा होने वाला है। अब देखना ये है कि शिवपाल के इस सख्त रुख पर हैदराबाद से क्या पलटवार आता है।