भारत मनाएगा 77वां गणतंत्र दिवस: यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता होंगे मुख्य अतिथि, जानें परेड से जुड़ी हर खास बात

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नई दिल्ली: भारत 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह ऐतिहासिक दिन, जब 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ और देश एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बना, पूरे देश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस साल का गणतंत्र दिवस सोमवार को पड़ रहा है, जिससे लोगों को एक लंबे वीकेंड का तोहफा भी मिलेगा, जो उत्सव के आनंद को दोगुना कर देगा।

क्यों है यह 77वां गणतंत्र दिवस?

अक्सर लोगों में गणतंत्र दिवस के क्रम को लेकर भ्रम होता है। चूंकि पहला गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को मनाया गया था, इसलिए 2026 में भारत अपने संविधान के लागू होने के 76 वर्ष पूरे कर लेगा और 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। यह तारीख इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज का संकल्प लिया था।

यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता होंगे मुख्य अतिथि

इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह भारत-यूरोपीय संघ के मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक बनेगा। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा (António Costa) और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) 77वें गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि होंगे। यह एक महत्वपूर्ण राजनयिक कदम है जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख को दर्शाता है।

दिल्ली परेड का भव्य कार्यक्रम

हमेशा की तरह, मुख्य समारोह राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होगा, जिसकी शुरुआत सुबह लगभग 10:30 बजे राष्ट्रपति द्वारा ध्वजारोहण के साथ होगी।

  • सैन्य शक्ति का प्रदर्शन: राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी दी जाएगी, जिसके बाद भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की टुकड़ियां मार्चपास्ट करेंगी। इस दौरान देश के अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम, टैंक और अन्य रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा।
  • सांस्कृतिक झलकियां: परेड का मुख्य आकर्षण विभिन्न राज्यों और मंत्रालयों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली झांकियां होंगी।[1] ये झांकियां भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक नृत्यों, हस्तकला और विकास की गाथा का सजीव चित्रण करेंगी।
  • आसमान में शौर्य: भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान आसमान में हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों में जोश भरेंगे।

यह पूरा कार्यक्रम लगभग तीन घंटे तक चलेगा।

देशभर में उत्सव का माहौल

गणतंत्र दिवस का जश्न सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं रहता। देशभर में स्कूल, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में ध्वजारोहण और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बाजार तिरंगे, गुब्बारों और मिठाइयों से सज जाएंगे और लोग एक-दूसरे को इस राष्ट्रीय पर्व की बधाई देंगे। यह दिन हमें संविधान द्वारा दिए गए समानता, न्याय और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है।

यह उत्सव केवल एक छुट्टी नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की ताकत और एकता का प्रदर्शन है। यह हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है, जब वे अपनी अनेकता में एकता की संस्कृति का जश्न मनाते हैं।

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