Bihar Politics : तेजस्वी का फिर होगा बुरा हाल चिराग पासवान की बड़ी भविष्यवाणी ,राज्यसभा चुनाव में भी दिखेगा विधानसभा जैसा खेल

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News India Live, Digital Desk: बिहार की सियासत में राज्यसभा चुनाव की आहट के साथ ही जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला है। 3 मार्च 2026 को दिए अपने ताजा बयान में चिराग ने दावा किया है कि राज्यसभा चुनाव में तेजस्वी यादव को वैसी ही हार का सामना करना पड़ेगा, जैसी उन्हें पिछले विधानसभा चुनाव में मिली थी। चिराग के इस तीखे प्रहार ने बिहार एनडीए (NDA) और महागठबंधन के बीच सियासी पारे को गरमा दिया है।

1. चिराग पासवान का तंज: "जनता और विधायक साथ नहीं" (The Big Claim)

चिराग पासवान ने पटना में मीडिया से बात करते हुए कहा कि आरजेडी के भीतर भारी असंतोष है।

हार का दोहराव: चिराग का मानना है कि तेजस्वी यादव अपनी रणनीति में फेल हो रहे हैं। उन्होंने कहा, "जैसे विधानसभा चुनाव में जनता ने उन्हें नकारा था, वैसे ही इस बार उनके अपने विधायक ही राज्यसभा चुनाव में उनका साथ छोड़ सकते हैं।"

एनडीए की मजबूती: चिराग ने भरोसा जताया कि एनडीए के पास पर्याप्त आंकड़े हैं और विपक्ष के पास केवल खोखले दावे।

2. राज्यसभा चुनाव का गणित: बिहार की सीटों पर घमासान (Political Math)

बिहार से राज्यसभा की खाली हो रही सीटों के लिए चुनाव का समीकरण काफी दिलचस्प है:

संख्या बल: वर्तमान विधानसभा की स्थिति के अनुसार, एनडीए (भाजपा, जेडीयू, लोजपा) का पलड़ा भारी दिख रहा है।

क्रॉस वोटिंग का डर: सियासी गलियारों में चर्चा है कि विपक्षी खेमे के कुछ विधायक सत्ता पक्ष के संपर्क में हैं। चिराग पासवान का इशारा भी इसी 'खेला' की ओर था।

3. तेजस्वी यादव की रणनीति पर उठे सवाल? (Tejashwi's Strategy)

तेजस्वी यादव लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं और 'जन विश्वास यात्रा' के जरिए अपनी ताकत दिखा रहे हैं।

आरजेडी का स्टैंड: आरजेडी समर्थकों का कहना है कि चिराग पासवान केवल सुर्खियों में रहने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।

विपक्षी एकता: महागठबंधन (RJD-Congress-Left) इस बार एकजुट होकर एनडीए को कड़ी टक्कर देने का दावा कर रहा है।

4. चिराग बनाम तेजस्वी: 2025-2026 की जंग

बिहार में आने वाले समय में दो बड़े चेहरे, चिराग और तेजस्वी, एक-दूसरे के धुर विरोधी के रूप में उभर रहे हैं।

युवा नेतृत्व: दोनों ही नेता अपनी-अपनी पार्टियों के भविष्य हैं।

समीकरण: चिराग पासवान जहाँ दलित और युवाओं के बीच अपनी पैठ बना रहे हैं, वहीं तेजस्वी का ध्यान 'माय' (MY) समीकरण और 'ए टू जेड' (A to Z) वाली राजनीति पर है।

5. क्या बिहार में फिर होगा 'खेला'?

चिराग पासवान के इस बयान के बाद जेडीयू और बीजेपी के नेता भी उत्साहित नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के नतीजे 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव का ट्रेलर साबित हो सकते हैं।