बंगाल में चुनावी शंखनाद 6 से 7 चरणों में हो सकती है वोटिंग, मार्च में ही चुनाव आयोग की टीम करेगी दौरा

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News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल में 2026 की चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है।, राज्य की 294 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले मतदान को लेकर चुनाव आयोग (ECI) एक बड़ा खाका तैयार कर रहा है। कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए इस बार वोटिंग 6 से 7 चरणों (Phases) में संपन्न कराई जा सकती है। रिपोर्ट यह भी संकेत दे रही है कि चुनाव आयोग की एक उच्च स्तरीय टीम इसी महीने मार्च 2026 में बंगाल का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा ले सकती है।

1. चुनाव आयोग का 'प्लान बंगाल': मार्च में अहम दौरा (EC Team Visit)

चुनाव आयोग की टीम कोलकाता पहुँचकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), पुलिस महानिदेशक (DGP) और सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक करेगी।

तैयारियों की समीक्षा: आयोग की टीम मतदाता सूची (Voter List), पोलिंग स्टेशनों की स्थिति और सुरक्षा बलों की तैनाती पर चर्चा करेगी।

संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान: टीम उन इलाकों का दौरा कर सकती है जहाँ पिछले चुनावों में हिंसा की खबरें आई थीं, ताकि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें।

2. 6-7 चरणों में मतदान: सुरक्षा पहली प्राथमिकता (Voting Phases)

बंगाल में शांतिपूर्ण चुनाव कराना हमेशा से एक चुनौती रहा है।

केंद्रीय बलों की तैनाती: गृह मंत्रालय ने पहले ही राज्य में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) की 480 कंपनियां भेजने का निर्णय लिया है। इनमें से 240 कंपनियां 1 मार्च से और शेष 240 कंपनियां 10 मार्च 2026 तक बंगाल पहुँच रही हैं।

फेज-वार रणनीति: अधिक चरणों में चुनाव कराने का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बलों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर सुगमता से मूव कराना है, जिससे हर बूथ पर पर्याप्त सुरक्षा रहे।

3. 'SIR' के बाद मतदाता सूची में बड़े बदलाव (Voter List Update)

इस बार का चुनाव 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision - SIR) के कारण भी चर्चा में है।

नामों की कटौती: 28 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, राज्य में लाखों फर्जी या संदिग्ध नामों को हटाया गया है। अकेले बांकुरा और नदिया जैसे जिलों में भारी संख्या में नाम काटे गए हैं।

सियासी घमासान: नामों की इस कटौती पर टीएमसी (TMC) और भाजपा (BJP) के बीच जुबानी जंग जारी है। जहाँ भाजपा इसे निष्पक्ष चुनाव की ओर कदम बता रही है, वहीं टीएमसी इसे वैध वोटरों को हटाने की साजिश करार दे रही है।

4. बंगाल का रण: ममता Vs भाजपा (Political Clash)

2026 का चुनाव मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए अपनी सत्ता बचाए रखने की बड़ी परीक्षा है।

टीएमसी की रणनीति: ममता बनर्जी 'बेरोजगारी भत्ता' और 'लक्ष्मी भंडार' जैसी योजनाओं के भरोसे मैदान में हैं।

भाजपा का हमला: शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को घेर रही है।

5. कब होगी तारीखों की घोषणा? (Announcement Date)

माना जा रहा है कि मार्च के तीसरे या चौथे सप्ताह तक चुनाव आयोग आधिकारिक तौर पर चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, इसलिए पूरी चुनावी प्रक्रिया अप्रैल के अंत तक पूरी कर ली जाएगी।