Deepika Padukone Controversy : 8 घंटे की शिफ्ट विवाद पर अनुभव सिन्हा का बेबाक बयान दीपिका की डिमांड पर

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News India Live, Digital Desk : बॉलीवुड में इन दिनों कलाकारों की फीस और उनकी कार्यशैली को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। इस विवाद के केंद्र में हैं ग्लोबल स्टार दीपिका पादुकोण। खबरों के अनुसार, दीपिका ने अपनी आने वाली फिल्मों के लिए '8 घंटे की शिफ्ट' (8-Hour Shift Policy) की शर्त रखी है, जिसका कुछ निर्माताओं ने विरोध किया है। अब 'आर्टिकल 15' और 'थप्पड़' जैसी फिल्में बनाने वाले दिग्गज निर्देशक अनुभव सिन्हा ने इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा है।

1. क्या है '8 घंटे की शिफ्ट' का पूरा विवाद? (The Controversy)

बॉलीवुड में आमतौर पर 12 से 14 घंटे की शिफ्ट एक सामान्य बात मानी जाती है।

दीपिका की शर्त: मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि दीपिका पादुकोण अब अपनी वर्किंग लाइफ और पर्सनल लाइफ (खासकर मां बनने के बाद) के बीच संतुलन बनाने के लिए केवल 8 घंटे ही सेट पर काम करना चाहती हैं।

प्रोड्यूसर्स की चिंता: फिल्म निर्माताओं का मानना है कि इससे फिल्म का बजट बढ़ेगा और शूटिंग का शेड्यूल लंबा खिंच जाएगा।

2. अनुभव सिन्हा का करारा जवाब (Anubhav Sinha's Stand)

जब अनुभव सिन्हा से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही व्यावहारिक तरीके से अपनी बात रखी:

सहमति का मामला: सिन्हा ने कहा, "यह एक प्रोफेशनल डील है। अगर किसी कलाकार की मांग आपको गलत लगती है, तो आप उसके साथ काम न करें। कोई भी किसी को मजबूर नहीं कर रहा है।"

काम की गुणवत्ता: उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई 8 घंटे में उतना ही आउटपुट दे सकता है जितना दूसरा 12 घंटे में देता है, तो इसमें बुराई क्या है?

3. 'वैनिटी वैन' और 'पर्सनल स्टाफ' पर भी बोले सिन्हा (Artist Demands)

अनुभव सिन्हा ने केवल शिफ्ट के समय पर ही नहीं, बल्कि कलाकारों की अन्य बढ़ती मांगों पर भी टिप्पणी की:

प्रोडक्शन का बोझ: उन्होंने स्वीकार किया कि बड़े सितारों के पर्सनल स्टाफ और वैनिटी वैन का खर्च कई बार फिल्म के वास्तविक प्रोडक्शन बजट से ज्यादा हो जाता है।

समाधान: सिन्हा का मानना है कि इंडस्ट्री को एक ऐसे मॉडल की जरूरत है जहाँ निर्माता और कलाकार दोनों के हितों की रक्षा हो सके।

4. बॉलीवुड में 'वर्क-लाइफ बैलेंस' की नई लहर (Work-Life Balance)

दीपिका के इस कदम को फिल्म इंडस्ट्री में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

समर्थन: कई महिला कलाकारों और तकनीशियनों ने दीपिका का समर्थन किया है, उनका कहना है कि लंबे समय तक काम करना स्वास्थ्य और परिवार के लिए ठीक नहीं है।

विरोध: पुराने स्कूल के निर्देशकों का मानना है कि सिनेमा एक जुनून है और इसे घड़ी देखकर नहीं बनाया जा सकता।

5. अनुभव सिन्हा के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स (Future Projects)

अनुभव सिन्हा इन दिनों अपनी अगली फिल्म की तैयारी में हैं, जिसमें वे सामाजिक मुद्दों को उठाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने साफ किया कि वे अपने सेट पर हमेशा एक स्वस्थ वातावरण बनाए रखने की कोशिश करते हैं और कलाकारों की जायज मांगों का सम्मान करते हैं।