Bharat Bandh 12 Feb 2026 : देशव्यापी हड़ताल से थमी रफ्तार, जानें आपके शहर में आज क्या खुला है और क्या बंद?

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News India Live, Digital Desk : केंद्र सरकार की 'मजदूर विरोधी' और 'किसान विरोधी' नीतियों के खिलाफ आज श्रमिक और किसान संगठन सड़कों पर हैं। नए लेबर कोड्स (श्रम संहिता), बिजली संशोधन विधेयक 2025 और भारत-यूएस ट्रेड डील के विरोध में यह बंद बुलाया गया है। ओडिशा, असम, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है।

आज क्या बंद रह सकता है? (What is Closed)

हड़ताल के कारण निम्नलिखित सेवाओं पर आंशिक या पूर्ण असर पड़ने की संभावना है:

बैंक सेवाएं: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (जैसे SBI, PNB, BoB) की शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है क्योंकि प्रमुख बैंक यूनियनें (AIBEA, BEFI) हड़ताल में शामिल हैं। कैश डिपॉजिट और चेक क्लीयरेंस में देरी हो सकती है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट: कई राज्यों में रोडवेज की बसें और ऑटो-टैक्सी यूनियनें हड़ताल का समर्थन कर रही हैं। ओडिशा और असम में पूरी तरह चक्का जाम की खबरें हैं।

बाजार और फैक्ट्रियां: औद्योगिक इलाकों और किसान बहुल क्षेत्रों में स्थानीय बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रह सकते हैं।

ग्रामीण रोजगार (MGNREGA): कृषि मजदूर यूनियनों के शामिल होने से मनरेगा से जुड़े काम आज बंद रहने की उम्मीद है।

आज क्या खुला रहेगा? (What is Open)

आम जनता की सुविधा के लिए आवश्यक सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा गया है:

आपातकालीन सेवाएं: अस्पताल, एम्बुलेंस, फार्मेसी (दवा की दुकानें) और अग्निशमन सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।

जरूरी सामान: दूध, अखबार, पानी और बिजली की आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी।

रेलवे और एयरपोर्ट: ट्रेन और हवाई सेवाएं निर्धारित समय पर चलेंगी, हालांकि यात्रियों को स्टेशन/एयरपोर्ट पहुँचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ सकता है।

स्कूल और कॉलेज: राष्ट्रीय स्तर पर कोई छुट्टी घोषित नहीं की गई है। दिल्ली, यूपी और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में स्कूल खुले हैं, लेकिन केरल और ओडिशा में स्थानीय प्रशासन ने छुट्टी का फैसला लिया है।

प्राइवेट बैंक और ऑनलाइन बैंकिंग: निजी बैंक (HDFC, ICICI आदि) और डिजिटल सेवाएं (UPI, Net Banking, ATM) चालू रहेंगी।

हड़ताल क्यों हो रही है? (मुख्य मांगें)

यूनियनों और किसानों के विरोध के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

नए लेबर कोड्स: 29 श्रम कानूनों की जगह लाए गए 4 नए कोड्स को वापस लेने की मांग।

निजीकरण: सरकारी उपक्रमों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण पर रोक।

पुरानी पेंशन योजना (OPS): सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली।

भारत-यूएस ट्रेड डील: किसानों को डर है कि इस डील से अमेरिकी डेयरी और कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आएंगे, जिससे स्थानीय किसानों को नुकसान होगा।