Yoga for Joint Pain : जोड़ों के दर्द और अकड़न से हैं परेशान? रोज़ाना करें ये 5 योगासन ,घुटनों और कंधों के दर्द में मिलेगी तुरंत राहत

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News India Live, Digital Desk: जोड़ों का दर्द न केवल आपकी गतिशीलता को रोकता है बल्कि दैनिक कार्यों को भी चुनौतीपूर्ण बना देता है। पेनकिलर्स के बजाय, योग एक ऐसा प्राकृतिक तरीका है जो जोड़ों के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत करता है और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार लाता है। आइए जानते हैं उन आसनों के बारे में जो आपके जोड़ों के लिए 'नेचुरल हीलर' का काम करते हैं।

1. ताड़ासन (Mountain Pose)

यह आसन शरीर के पोश्चर को ठीक करने और घुटनों व टखनों के जोड़ों को मजबूती देने के लिए बेहतरीन है।

फायदा: यह पूरे शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है और जोड़ों के भार को संतुलित करने में मदद करता है।

सावधानी: एड़ी में तेज दर्द होने पर इसे सावधानी से करें।

2. वीरभद्रासन (Warrior Pose)

वीरभद्रासन विशेष रूप से घुटनों, कंधों और टखनों के लिए फायदेमंद है।

फायदा: यह पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता है और जोड़ों में जमा अकड़न (Stiffness) को दूर करता है। यह शरीर का संतुलन सुधारने में भी सहायक है।

3. त्रिकोणासन (Triangle Pose)

यह आसन जोड़ों के लचीलेपन (Flexibility) को बढ़ाने के लिए जाना जाता है।

फायदा: यह कूल्हों (Hips), घुटनों और रीढ़ की हड्डी के जोड़ों को खोलता है। इससे साइटिका के दर्द में भी राहत मिलती है।

4. वृक्षासन (Tree Pose)

संतुलन बनाने वाला यह आसन पैरों के जोड़ों के लिए बहुत प्रभावी है।

फायदा: यह घुटनों और टखनों की हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है और पैरों की सहनशक्ति (Endurance) बढ़ाता है।

5. सेतुबंधासन (Bridge Pose)

पीठ के बल लेटकर किया जाने वाला यह आसन घुटनों और पीठ के निचले हिस्से के लिए चमत्कारिक है।

फायदा: यह घुटनों के दर्द को कम करता है और कमर के जोड़ों में लचीलापन लाता है। यह ऑस्टियोपोरोसिस की शुरुआती समस्या में भी लाभकारी है।

जोड़ों के दर्द के लिए कुछ अन्य सावधानियां:

वार्म-अप: योगासन शुरू करने से पहले हल्के सूक्ष्म व्यायाम (जैसे उंगलियों और कलाइयों को घुमाना) जरूर करें।

धूप का सेवन: जोड़ों की मजबूती के लिए विटामिन-D जरूरी है, इसलिए सुबह की 10-15 मिनट की धूप लें।

पानी की मात्रा: शरीर में नमी की कमी से जोड़ों का लुब्रिकेशन कम हो सकता है, इसलिए पर्याप्त पानी पिएं।