Uttarakhand News : पिंकी चौधरी की मोहम्मद दीपक को खुली चेतावनी कोटद्वार कूच का ऐलान, जानें क्या है
News India Live, Digital Desk: उत्तराखंड के शांत वातावरण में एक बार फिर वैचारिक और सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। हिंदू रक्षा दल के नेता पिंकी चौधरी ने एक वीडियो जारी कर कोटद्वार के प्रशासन और पुलिस को चुनौती दी है। मामला 'मोहम्मद दीपक' नाम के एक व्यक्ति से जुड़ा है, जिस पर हिंदू संगठनों ने पहचान छिपाकर हिंदू समाज को गुमराह करने और 'लव जिहाद' जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है 'मोहम्मद दीपक' का विवाद?
कोटद्वार में पिछले कुछ दिनों से एक व्यक्ति चर्चा में है जो कथित तौर पर अपना नाम 'दीपक' बताता था, लेकिन बाद में उसकी पहचान 'मोहम्मद' के रूप में हुई।
आरोप: स्थानीय हिंदू संगठनों का दावा है कि वह व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर इलाके में सक्रिय था और एक विशेष समुदाय की लड़कियों को निशाना बना रहा था।
पिंकी चौधरी का रुख: वीडियो में पिंकी चौधरी ने कहा, "उत्तराखंड देवभूमि है और यहाँ पहचान छिपाकर किसी भी तरह का अधर्म बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर पुलिस ने उस पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो हिंदू रक्षा दल के हजारों कार्यकर्ता कोटद्वार कूच करेंगे।"
वायरल वीडियो में क्या है?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पिंकी चौधरी काफी आक्रामक अंदाज में नजर आ रहे हैं:
चेतावनी: उन्होंने साफ कहा है कि प्रशासन 'मोहम्मद दीपक' जैसे लोगों को संरक्षण देना बंद करे।
डेडलाइन: उन्होंने एक निश्चित समय सीमा दी है, जिसके बाद वे अपने समर्थकों के साथ कोटद्वार पहुँचने की बात कर रहे हैं।
देवभूमि की रक्षा: वीडियो में बार-बार उत्तराखंड की जनसांख्यिकी (Demography) और सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस वीडियो के वायरल होने के बाद कोटद्वार पुलिस अलर्ट मोड पर है।
सुरक्षा व्यवस्था: संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कानून-व्यवस्था न बिगड़े।
जांच: पुलिस ने बताया कि वह व्यक्ति (मोहम्मद दीपक) के खिलाफ जो भी शिकायतें मिली हैं, उनकी कानूनी रूप से जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी भ्रामक वीडियो पर ध्यान न देने की अपील की है।
कोटद्वार में तनाव का माहौल
हिंदू रक्षा दल के इस ऐलान के बाद स्थानीय व्यापार मंडल और अन्य संगठनों में भी हलचल तेज है। प्रशासन की कोशिश है कि पिंकी चौधरी को कोटद्वार की सीमा में घुसने से पहले ही बातचीत के जरिए रोका जाए ताकि किसी भी तरह के टकराव की स्थिति पैदा न हो।