Health Tips: सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना क्यों है 'अमृत' के समान? जानें इसके बेमिसाल फायदे और कुछ जरूरी सावधानियां
हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। पानी हमारे जीवन का आधार है। हमारे शरीर का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा पानी है, जो न केवल प्यास बुझाता है बल्कि रक्त के साथ मिलकर शरीर की हर कोशिका तक ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी पीने का तरीका और तापमान आपकी सेहत को पूरी तरह बदल सकता है? आयुर्वेद के अनुसार, सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना शरीर की 'कायाकल्प' करने जैसी प्रक्रिया है। यह न केवल पाचन तंत्र को सक्रिय करता है, बल्कि शरीर के दोषों को संतुलित करने में भी मदद करता है।
पाचन और वजन घटाने में रामबाण
आयुर्वेद विशेषज्ञ बताते हैं कि गुनगुना पानी पीने से शरीर की 'पाचन अग्नि' सक्रिय होती है।
मेटाबॉलिज्म में सुधार: हल्का गर्म पानी मेटाबॉलिज्म (चयापचय) की दर को बढ़ाता है। जो लोग बढ़ते वजन से परेशान हैं, उनके लिए यह एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है।
डिटॉक्सिफिकेशन: यह आंतों की गति को तेज करता है, जिससे शरीर में जमा विषैले तत्व (Toxins) पसीने और मल-मूत्र के जरिए आसानी से बाहर निकल जाते हैं।
कफ से राहत: सर्दियों और बदलते मौसम में छाती में जमा कफ को ढीला कर बाहर निकालने में गुनगुना पानी बेहद सहायक होता है।
कब पिएं और कितना पिएं?
पानी पीने का सही समय उसके लाभ को दोगुना कर देता है:
सुबह खाली पेट: जागने के तुरंत बाद एक से दो गिलास गुनगुना पानी पिएं।
भोजन से पहले: खाने से लगभग आधा घंटा पहले गुनगुना पानी पीने से पाचन शक्ति मजबूत होती है और यह अधिक खाने (Overeating) से भी बचाता है।
भोजन के बाद: खाना खाने के करीब एक घंटे बाद गुनगुना पानी पीना पाचन प्रक्रिया को सुगम बनाता है।
सावधान: इन स्थितियों में भूलकर भी न पिएं गर्म पानी
हर अच्छी चीज का लाभ तभी मिलता है जब उसे सही स्थिति में लिया जाए। आयुर्वेद के अनुसार, इन परिस्थितियों में सावधानी बरतें:
अत्यधिक प्यास और डिहाइड्रेशन: यदि आपको बहुत ज्यादा प्यास लगी है या शरीर में पानी की कमी है, तो गुनगुना पानी शरीर की गर्मी को और बढ़ा सकता है।
पित्त की समस्या: जिन लोगों को पेट में जलन, एसिडिटी या पित्त दोष की समस्या रहती है, उन्हें विशेषकर गर्मियों के मौसम में बहुत गर्म पानी से बचना चाहिए।
तेज गर्मी का मौसम: चिलचिलाती धूप या तेज गर्मी में गर्म पानी पीने से घबराहट या असहजता महसूस हो सकती है।