Kanpur Ring Road: कानपुर को जाम से मिलेगी मुक्ति! 94 किमी लंबी रिंग रोड का पैकेज-1 सितंबर 2026 तक होगा पूरा, शहर का 60% ट्रैफिक लोड होगा कम
कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर के चारों ओर बन रही 94 किलोमीटर लंबी रिंग रोड परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। शुक्रवार को एनएचएआई (NHAI) के क्षेत्रीय परियोजना निदेशक गौतम विशाल ने पैकेज-1 का निरीक्षण किया और बताया कि मंधना से सचेंडी के बीच 10 किलोमीटर की सड़क बनकर तैयार हो चुकी है। इस पहले चरण का निर्माण कार्य सितंबर 2026 तक पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
यह रिंग रोड कानपुर के भविष्य के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगी, क्योंकि इसके शुरू होते ही शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश बंद हो जाएगा और ट्रैफिक लोड में 60 प्रतिशत तक की कमी आएगी।
एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे का महासंगम
कानपुर रिंग रोड केवल एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के प्रमुख मार्गों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है:
एक्सप्रेसवे से जुड़ाव: अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को भी रिंग रोड से लिंक किया जाएगा।
प्रमुख मार्ग: यह रिंग रोड 5 राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और 2 स्टेट हाईवे (SH) को आपस में जोड़ेगी।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी: चकेरी में कान्हा गोशाला के पास बन रहे पुल से एयरपोर्ट के लिए सीधी सर्विस रोड बनाई जाएगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा।
गंगा पर बन रहे दो भव्य पुल
परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती और आकर्षण गंगा नदी पर बन रहे दो विशाल पुल हैं:
बिठूर पुल: खुशहालपुर गांव के पास 3300 मीटर लंबा पुल बन रहा है।
चकेरी पुल: एयरपोर्ट के पास दूसरे बड़े पुल का निर्माण कार्य जारी है।
परियोजना निदेशक के अनुसार, पैकेज-2ए (बिठूर के पास) का निर्माण 30 नवंबर 2025 से शुरू हुआ है, जिसके कारण पूरी रिंग रोड 2028 तक तैयार होगी, लेकिन शहरवासियों के लिए रिंग रोड का मुख्य हिस्सा 2027 में ही शुरू कर दिया जाएगा।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे: अप्रैल से फर्राटा भरेंगे वाहन
एनएचएआई ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया है:
डेडलाइन: एक्सप्रेसवे का निर्माण 20 मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा।
शुभारंभ: सभी अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद अप्रैल 2026 से इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
विशेष तकनीक: इस एक्सप्रेसवे पर साउंड प्रूफ बैरियर लगाए गए हैं ताकि आसपास के गांवों और शहरी इलाकों में वाहनों का शोर न पहुंचे।
एक नज़र में: रिंग रोड परियोजना का विवरण
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कुल लंबाई | 94 किलोमीटर |
| कुल लागत | 5854.91 करोड़ रुपये |
| फ्लाईओवर की संख्या | 13 |
| रेल ओवर ब्रिज (ROB) | 09 |
| प्रमुख पुल | 06 |
| टोल प्लाजा | 13 |
फायदा: रिंग रोड बनने से न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी भारी गिरावट आएगी। कानपुर के औद्योगिक क्षेत्रों और व्यापार को इस सुगम यातायात से नई रफ़्तार मिलेगी।