Land Registry Rules Update 2026: अब बिना इन दस्तावेजों के नहीं होगी जमीन की रजिस्ट्री, योगी सरकार ने कड़े किए नियम
लखनऊ। जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने रजिस्ट्री की प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं। भू-माफियाओं पर नकेल कसने और बेनामी संपत्ति पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब आधार ऑथेंटिकेशन (Aadhaar Authentication) और पैन कार्ड (PAN Card) को अनिवार्य कर दिया गया है। 1 फरवरी 2026 से प्रभावी इन नियमों के तहत अब केवल कागजों पर हस्ताक्षर करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि डिजिटल और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से गुजरना होगा।
रजिस्ट्री के लिए अब ये 5 दस्तावेज हैं 'अनिवार्य'
अगर आप जमीन खरीदने या बेचने की योजना बना रहे हैं, तो फाइल तैयार करने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आपके पास ये दस्तावेज अपडेटेड हैं:
आधार कार्ड (Aadhaar Card): अब खरीदार, विक्रेता और गवाह—तीनों का आधार-आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन) अनिवार्य है।
पैन कार्ड (PAN Card): सरकार ने फर्जी नामों से होने वाली रजिस्ट्री रोकने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया है। अब 'फॉर्म 60' के भरोसे रजिस्ट्री कराना मुश्किल होगा।
आय का प्रमाण (Income Proof): अब रजिस्ट्रार कार्यालय यह भी चेक कर सकता है कि आप जो जमीन खरीद रहे हैं, उसके लिए पैसा कहाँ से आया। इसके लिए बैंक स्टेटमेंट या इनकम प्रूफ मांगा जा सकता है।
सेल डीड (Sale Deed): जमीन के मालिकाना हक का मुख्य दस्तावेज।
नवीनतम रसीद और नक्शा: जमीन की अपडेटेड लगान रसीद और भू-नक्शा (खतौनी के साथ) पेश करना होगा।
पैन कार्ड क्यों जरूरी? काले धन पर सरकार का प्रहार
सरकार का उद्देश्य बेनामी लेनदेन और काले धन को रियल एस्टेट से बाहर निकालना है। पैन कार्ड अनिवार्य होने से:
आयकर विभाग की नजर: हर ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड सीधे इनकम टैक्स विभाग के पास होगा।
फर्जीवाड़ा खत्म: अब किसी दूसरे के नाम पर गुपचुप तरीके से जमीन खरीदना नामुमकिन हो जाएगा।
डिजिटल रिकॉर्ड: पूरी प्रक्रिया को डिजिटल वेरिफिकेशन से जोड़ दिया गया है, जिससे भविष्य में मालिकाना हक को लेकर विवाद कम होंगे।
नए नियमों का आम आदमी पर असर
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभाव: गाँव के वे लोग जिनके पास अभी तक पैन कार्ड नहीं है, उन्हें रजिस्ट्री से पहले यह बनवाना होगा।
पारदर्शिता: बायोमेट्रिक पहचान के कारण अब 'इंपर्सनेशन' (एक की जगह दूसरे का खड़ा होना) जैसी धोखाधड़ी नहीं हो पाएगी।
त्वरित अपडेट: नए सिस्टम के तहत, रजिस्ट्री होते ही राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में नाम भी तेजी से अपडेट (Instant Mutation) होने की संभावना बढ़ जाएगी।
विशेष नोट: हाल ही में सरकार ने एक ड्राफ्ट रूल भी प्रस्तावित किया है जिसमें प्रॉपर्टी सौदों के लिए पैन कार्ड की अनिवार्य सीमा को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि छोटे खरीदारों को राहत मिल सके। हालांकि, उत्तर प्रदेश में पारदर्शिता के लिए इसे हर स्तर पर कड़ाई से लागू किया जा रहा है।