राजस्थान में अब SI भी संभालेंगे थानों की कमान! DGP के नए आदेश से पुलिसिंग में आएगा बड़ा बदलाव,जानें क्या है नई व्यवस्था

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News India Live, Digital Desk : राजस्थान पुलिस प्रशासन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने के लिए डीजीपी (DGP) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब प्रदेश के कई महत्वपूर्ण थानों की जिम्मेदारी केवल इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सब-इंस्पेक्टर (SI) को भी 'थाना प्रभारी' के रूप में नियुक्त किया जा सकेगा। इस फैसले का उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदारी देना और पुलिसिंग में तेजी लाना है।

क्या है DGP का नया सिस्टम? (The New Directives)

राजस्थान पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, थाना प्रभारियों की नियुक्ति के मानदंडों में बदलाव किया गया है:

SI को कमान: अब छोटे और मध्यम श्रेणी के थानों में सब-इंस्पेक्टर्स (SI) को सीधे थाना प्रभारी के रूप में पोस्टिंग मिल सकेगी। इससे पुलिस बेड़े में अधिकारियों की कमी दूर होगी।

अनुभव और ट्रैक रिकॉर्ड: नियुक्ति केवल रैंक के आधार पर नहीं, बल्कि अधिकारी के पिछले रिकॉर्ड, ईमानदारी और कार्यक्षमता के आधार पर की जाएगी।

जवाबदेही तय: डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि थाना प्रभारी चाहे किसी भी रैंक का हो, अपराध नियंत्रण और जनता के साथ व्यवहार को लेकर उनकी सीधी जवाबदेही होगी।

क्यों पड़ी इस बदलाव की जरूरत?

अधिकारियों की कमी: प्रदेश में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों की संख्या के मुकाबले थानों की संख्या अधिक है, जिससे कई थानों में कार्यभार का संतुलन बिगड़ रहा था।

युवा ऊर्जा का उपयोग: सब-इंस्पेक्टर्स आमतौर पर युवा और अधिक फील्ड-सक्रिय होते हैं। उन्हें जिम्मेदारी देने से केस सुलझाने की गति में सुधार आने की उम्मीद है।

बेहतर कानून व्यवस्था: इस बदलाव से पुलिस की पहुँच बढ़ेगी और वीआईपी ड्यूटी के साथ-साथ नियमित गश्त और अपराध नियंत्रण के बीच संतुलन बना रहेगा।

पुलिस मुख्यालय का कड़ा संदेश

डीजीपी ने सभी रेंज आईजी और जिला कप्तानों (SP) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में इस व्यवस्था को तुरंत लागू करें। साथ ही, यह भी हिदायत दी गई है कि जो अधिकारी लापरवाही बरतेंगे, उन्हें तुरंत पद से हटा दिया जाएगा।