Yoga For Flexibility: शरीर की अकड़न दूर कर लचीलापन बढ़ाएंगे ये 12 आसान योगासन, रोजाना 15 मिनट में दिखेगा असर
लखनऊ। क्या घंटों कुर्सी पर बैठने या दिनभर की भागदौड़ के बाद आपका शरीर भारी और थका हुआ महसूस होता है? मांसपेशियों में खिंचाव और जोड़ों की अकड़न आज के दौर की एक सामान्य समस्या बन गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, 'जेंटल योग' (Gentle Yoga) आपकी दिनचर्या में वह सकारात्मक बदलाव ला सकता है जो न केवल शरीर का लचीलापन बढ़ाएगा, बल्कि आपको मानसिक शांति भी देगा। भारी वर्कआउट के विपरीत, जेंटल योग धीमी गति और गहरी सांसों पर आधारित होता है, जिससे चोट लगने का खतरा कम होता है और परिणाम लंबे समय तक टिकते हैं।
क्यों जरूरी है जेंटल योग? अकड़न से मिलेगी परमानेंट छुट्टी
जेंटल योग भले ही दिखने में सरल लगे, लेकिन यह शरीर पर गहरा प्रभाव डालता है। इसके नियमित अभ्यास से मांसपेशियों और जोड़ों में जमा तनाव कम होता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए वरदान है जो डेस्क जॉब करते हैं या लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहते हैं। इसके अलावा, यह रीढ़ की हड्डी, कंधों और कूल्हों (Hips) में रक्त के संचार को बेहतर बनाता है। यह अभ्यास न केवल लचीलापन बढ़ाता है, बल्कि उन मांसपेशियों को भी मजबूती देता है जो निष्क्रियता के कारण कमजोर हो गई हैं।
इन 12 योगासनों से शरीर को बनाएं 'सुपर फ्लेक्सिबल'
| योगासन | मुख्य लाभ | कैसे करें | समय |
|---|---|---|---|
| कैट-काऊ पोज़ | रीढ़ की हड्डी के लिए | घुटनों पर बैठें, बारी-बारी से पीठ को ऊपर उठाएं और नीचे झुकाएं | 1–2 मिनट |
| चाइल्ड पोज़ | कमर और कूल्हों के तनाव के लिए | एड़ियों पर बैठें और हाथों को जमीन पर आगे की ओर फैलाएं | 1–2 मिनट |
| बटरफ्लाई पोज़ | कूल्हों के लचीलेपन के लिए | तलवों को आपस में जोड़ें और घुटनों को जमीन की ओर दबाएं | 30–60 सेकंड |
| कोबरा पोज़ (भुजंगासन) | छाती खोलने और पीठ के लिए | पेट के बल लेटें और हाथों के सहारे छाती को ऊपर उठाएं | 20–30 सेकंड |
| अधोमुख श्वानासन | पूरे शरीर के खिंचाव के लिए | उल्टा 'V' आकार बनाएं, कूल्हों को ऊपर उठाएं | 1 मिनट |
| लेग्स अप द वॉल | पैरों की थकान दूर करने के लिए | पीठ के बल लेटकर पैरों को दीवार के सहारे सीधा रखें | 1–2 मिनट |
बेहतर परिणाम के लिए अपनाएं ये 5 'गोल्डन टिप्स'
नियमितता: रोजाना कम से कम 10 से 15 मिनट का समय निकालें।
धीमी सांसें: हर आसन के दौरान गहरी और लंबी सांस लेना जारी रखें।
शरीर की सुनें: कभी भी जबरदस्ती खिंचाव न करें, शरीर जितना अनुमति दे उतना ही झुकें।
वार्मअप: अभ्यास शुरू करने से पहले गर्दन और कंधों को घुमाकर हल्की स्ट्रेचिंग करें।
सपोर्ट का उपयोग: यदि संतुलन में दिक्कत हो, तो कुशन या योग ब्लॉक की मदद लेने में संकोच न करें।