महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है हींग ,पीरियड्स के दर्द से लेकर पाचन तक, हर मर्ज की एक दवा

Post

News India Live, Digital Desk: भारतीय रसोई की तो बात ही निराली है। यहाँ मौजूद मसाले सिर्फ स्वाद नहीं बढ़ाते, बल्कि छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज भी करते हैं। इन्हीं में से एक है हींग (Asafoetida)

शायद ही कोई घर होगा जहाँ दाल या सब्जी छौंकते वक्त हींग की खुशबू न उड़ती हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह "एक चुटकी हींग" असल में आपकी सेहत के लिए कितना बड़ा काम कर सकती है? अगर आप इसे सिर्फ एक खुशबूदार मसाला समझते हैं, तो आप गलती कर रहे हैं।

1. बिगड़े हुए पेट की 'जादुई' मरम्मत
शादी-पार्टी में ज्यादा खा लिया? या पेट फूलकर गुब्बारा हो गया है? ऐसी हालत में हींग सबसे तेज असर करती है। पुराने जमाने में छोटे बच्चों के पेट में जब गैस बनती थी, तो नानी-दादी उनकी नाभि (Navel) पर हींग का लेप लगा देती थीं। यह तरीका आज भी कारगर है।

  • नुस्खा: गुनगुने पानी में जरा सी हींग घोलकर पी लें, मिनटों में गैस और भारीपन से राहत मिल जाएगी।

2. हार्मोन्स को पटरी पर लाना
आजकल ख़राब लाइफस्टाइल की वजह से महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance) बहुत आम हो गया है। कभी मूड ख़राब रहना, तो कभी वजन बढ़ना। हींग शरीर में 'प्रोजेस्टेरोन' के लेवल को सुधारने में मदद करती है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, जिससे सुस्ती दूर होती है और आप अंदर से अच्छा महसूस करते हैं।

3. पीरियड्स के दर्द में राहत
महिलाओं के लिए 'हींग' किसी दोस्त से कम नहीं है। अनियमित पीरियड्स हों या फिर उस दौरान होने वाला असहनीय पेट और कमर दर्द—हींग वाला पानी पीने से मांसपेशियों की ऐंठन में काफी आराम मिलता है। यह खून को पतला रखती है जिससे फ्लो ठीक बना रहता है।

4. शुगर और बीपी वालों के लिए भी फायदेमंद
हींग में कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। यह खून के थक्के जमने से भी रोकती है, जिससे बीपी सामान्य रहता है। यानी दिल की सेहत के लिए भी यह एक अच्छा साथी है।

सावधानी भी जरूरी है
जैसे हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, वैसे ही हींग का भी है। इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए इसे 'चुटकी भर' ही इस्तेमाल करें। बहुत ज्यादा खाने से सीने में जलन हो सकती है।

तो अगली बार जब भी आप कढ़ी या दाल बनाएं, तो हींग का तड़का लगाना न भूलें। और हां, अगर पेट गड़बड़ हो, तो दवाओं के डिब्बे की जगह रसोई की तरफ दौड़ें!