55 की उम्र के बाद भारी पड़ सकता है 'एंगल्ड बॉब', चेहरे की रौनक बनाए रखने के लिए अपनाएं ये 2 जादुई हेयरकट

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नई दिल्ली/लाइफस्टाइल डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर के अन्य हिस्सों की तरह हमारे बालों में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव आते हैं। 55 साल की दहलीज पार करने के बाद महिलाओं को अक्सर बालों की बनावट, मोटाई और उनके घनत्व (Density) में कमी महसूस होने लगती है। कई महिलाओं के लिए यह दौर काफी निराशाजनक हो सकता है, क्योंकि उनका पसंदीदा हेयरस्टाइल अब उनके चेहरे पर वैसा नहीं जंचता जैसा पहले कभी जंचता था। सौंदर्य विशेषज्ञों का मानना है कि गलत हेयरकट न केवल आपकी उम्र को बड़ा दिखा सकता है, बल्कि यह आपके चेहरे की ढीली त्वचा और बालों के पतलेपन को भी और ज्यादा उजागर कर सकता है।

आखिर 55 साल की उम्र के बाद क्यों 'फेल' हो जाता है एंगल्ड बॉब?

दशकों से एंगल्ड बॉब हेयरकट महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय रहा है, लेकिन 55 वर्ष की आयु के बाद यह स्टाइल आपकी खूबसूरती में बाधक बन सकता है। रजोनिवृत्ति (Menopause) के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव और एस्ट्रोजन के गिरते स्तर के कारण बाल पतले और नाजुक हो जाते हैं। एंगल्ड बॉब, जिसमें बालों को आगे की ओर वॉल्यूम देकर ठुड्डी की तरफ खींचा जाता है, चेहरे के प्राकृतिक ढीलेपन को और अधिक उभार देता है। इसकी तीखी और नीचे की ओर जाती रेखाएं जबड़े के झुकाव और झुर्रियों को अधिक स्पष्ट कर देती हैं, जिससे चेहरा थका हुआ और उम्रदराज नजर आने लगता है।

ट्राइकोलॉजिस्ट की राय: बालों के पतले होने का असली विज्ञान

बालों और खोपड़ी के स्वास्थ्य का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञों, जिन्हें 'ट्राइकोलॉजिस्ट' कहा जाता है, के अनुसार लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं को रजोनिवृत्ति के बाद बालों की मात्रा में बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ता है। इसके मुख्य रूप से दो कारण हैं—पहला, बालों के घनत्व में कमी यानी प्रति वर्ग सेंटीमीटर बालों की संख्या का कम होना और दूसरा, बालों के तने (Strands) का पतला होना। इसके परिणामस्वरूप बाल चपटे और बेजान दिखने लगते हैं, खासकर सिर के ऊपरी हिस्से (Crown Area) में, जहां से खोपड़ी साफ दिखाई देने लगती है।

'एंटी-एजिंग' हेयरकट का बढ़ रहा है क्रेज: लंबाई नहीं, वॉल्यूम है जरूरी

आजकल ब्यूटी इंडस्ट्री में ऐसे हेयरकट का चलन बढ़ा है जो लंबाई के बजाय बालों को वॉल्यूम और संरचना (Structure) प्रदान करते हैं। 55+ उम्र की महिलाओं के लिए विशेष रूप से दो हेयरस्टाइल 'गेम-चेंजर' साबित हो रहे हैं:

1. बटरफ्लाई कट (Butterfly Cut): यह मध्यम लंबाई के बालों वाली महिलाओं के लिए एक वरदान की तरह है। इसमें ठुड्डी के स्तर से हल्की परतें (Layers) शुरू की जाती हैं। ऊपर की छोटी लेयर्स नीचे की लंबी लेयर्स को सहारा देती हैं, जिससे एक प्राकृतिक उठाव मिलता है। यह स्टाइल चेहरे को खुलापन देता है और गालों की हड्डियों (Cheekbones) को उभरा हुआ दिखाता है, जो एंटी-एजिंग के लिए बेहद जरूरी है।

2. बिक्सी कट (Bixie Cut): यह बॉब और पिक्सी कट का एक बेहतरीन मिश्रण है। इसमें पीछे की तरफ बाल छोटे और सुडौल होते हैं, जबकि सिर के ऊपरी हिस्से में घने बाल रखे जाते हैं। यह कंट्रास्ट गर्दन को लंबा दिखाने में मदद करता है और लोगों का ध्यान आपके जबड़े की रेखा (Jawline) से हटाकर आंखों की ओर केंद्रित करता है।

सैलून में अपने स्टाइलिस्ट से क्या पूछें?

अगली बार जब आप हेयरकट के लिए जाएं, तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। अपने स्टाइलिस्ट से कहें कि वह 'सॉफ्ट कर्टन फ्रिंज' काटे जो गालों की हड्डियों के पास खत्म हों। हमेशा ध्यान रखें कि लेयर्स ठुड्डी के स्तर से शुरू हों, उससे ऊपर नहीं। साथ ही, रेज़र (Razor) के इस्तेमाल से बचें क्योंकि यह पतले बालों को और अधिक नाजुक बना सकता है। बालों की बनावट बनाए रखने के लिए हमेशा कैंची से साफ-सुथरे कट (Scissor Cut) का विकल्प चुनें।

घर पर हेयर स्टाइलिंग के लिए अपनाएं ये आदतें

एक अच्छा हेयरकट तभी निखरता है जब आपकी स्टाइलिंग की आदतें सही हों। बालों को सुखाते समय शुरुआती 80 प्रतिशत हिस्सा उल्टा करके (Upside Down) सुखाएं, इससे जड़ों को वॉल्यूम मिलता है। हार्ड हेयरस्प्रे के बजाय 'टेक्सचराइज़िंग स्प्रे' का इस्तेमाल करें। इसके अलावा, बालों के ऊपरी हिस्से पर भारी क्रीम या तेल लगाने से बचें, क्योंकि इससे जड़ें चिपक जाती हैं और बाल और भी पतले दिखने लगते हैं। हमेशा एक मध्यम आकार के गोल ब्रश (45 मिमी) का उपयोग करें जो बालों को हल्का सा उभार दे सके।

महत्वपूर्ण शब्दावली और डॉक्टर की सलाह

बालों के संदर्भ में 'घनत्व' का मतलब बालों की संख्या से है, जबकि 'बनावट' का अर्थ प्रत्येक बाल की मोटाई से है। 'फेदरिंग' तकनीक से चेहरे के चारों ओर मुलायम उभार लाया जा सकता है। हालांकि, यदि आपको अचानक बाल झड़ने, सिर में पैच दिखने या खुजली की समस्या हो रही है, तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) से संपर्क करें। कभी-कभी हार्मोनल असंतुलन या पोषण की कमी भी इसका कारण हो सकती है, जिसे केवल हेयरकट से ठीक नहीं किया जा सकता है।