60 की उम्र में पेट की चर्बी से हैं परेशान? जिम और क्रंचेस छोड़ें, बस चलते-फिरते अपनाएं यह 'जादुई' तरीका

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नई दिल्ली/स्वास्थ्य डेस्क। उम्र की ढलान पर अक्सर शरीर के साथ कई चुनौतियां भी आने लगती हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है—पेट की बढ़ती चर्बी। 60 वर्ष की आयु के बाद वजन कम करना, खासकर पेट के आसपास जमा जिद्दी वसा (Belly Fat) को हटाना एक पहाड़ तोड़ने जैसा काम लगने लगता है। अधिकांश लोग इसके लिए सिट-अप्स या क्रंचेस जैसे पारंपरिक व्यायामों का सहारा लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ये तरीके इस उम्र में लाभ से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं। गर्दन में खिंचाव और कमर दर्द की शिकायत के चलते कई लोग कसरत छोड़ देते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों ने एक बेहद सरल लेकिन 'जादुई' प्रभावी तकनीक सुझाई है, जिसे 'TVA वॉकिंग' या डायफ्रामेटिक वॉकिंग कहा जाता है।

क्यों 60 के बाद फेल हो जाते हैं क्रंचेस और प्लैंक्स?

अक्सर देखा गया है कि 60+ की उम्र में किए जाने वाले पारंपरिक व्यायाम जैसे सिट-अप्स केवल पेट की ऊपरी मांसपेशियों को निशाना बनाते हैं। इनका कमर की चौड़ाई कम करने पर कोई खास असर नहीं होता। इसके विपरीत, ये व्यायाम रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, जिससे गर्दन और पीठ के निचले हिस्से में गंभीर दर्द शुरू हो सकता है। सालों तक बैठने की आदत के कारण कूल्हे की मांसपेशियां पहले से ही सख्त होती हैं, और कठिन व्यायाम इस तनाव को और बढ़ा देते हैं। यहीं कारण है कि फिटनेस एक्सपर्ट अब गहरी कोर मांसपेशियों (Deep Core Muscles) पर ध्यान देने की सलाह देते हैं।

क्या है 'TVA वॉकिंग' और यह कैसे काम करती है?

'TVA वॉकिंग' का अर्थ है—ट्रांसवर्स एब्डोमिनिस (Transverse Abdominis) को सक्रिय करते हुए चलना। ट्रांसवर्स एब्डोमिनिस आपके पेट की सबसे गहरी मांसपेशी परत है, जो आपके धड़ के चारों ओर एक 'प्राकृतिक कोर्सेट' (Natural Corset) की तरह लिपटी होती है। यह सिक्स-पैक बनाने वाली बाहरी मांसपेशियों से अलग है। यह रीढ़ को स्थिरता प्रदान करती है और आंतरिक अंगों को सहारा देती है। चलते समय जब आप इस मांसपेशी को सक्रिय करते हैं, तो यह न केवल आपके पेट को अंदर की ओर खींचती है, बल्कि शरीर की मुद्रा (Posture) में भी सुधार करती है और मेटाबॉलिज्म को गति देती है।

पेट की चर्बी घटाने के साथ मिलते हैं ये 4 बड़े फायदे

TVA वॉकिंग केवल वजन कम करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह समग्र स्वास्थ्य के लिए एक वरदान है। सबसे पहले, यह विसरल फैट (आंतरिक अंगों के पास जमा वसा) को कम करने में मदद करती है, जो हृदय रोग और मधुमेह का मुख्य कारण है। दूसरा, यह रीढ़ की हड्डी को आंतरिक सहारा प्रदान कर पुराने पीठ दर्द में राहत दिलाती है। तीसरा, इसमें शामिल गहरी सांस लेने की प्रक्रिया (Diaphragmatic Breathing) तनाव हार्मोन को कम करती है, जो पेट के पास चर्बी बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। अंततः, यह शरीर की मुद्रा को सुधार कर आपको अधिक ऊर्जावान और युवा दिखने में मदद करती है।

घर पर कैसे करें टीवीए वॉकिंग? जानें स्टेप-दर-स्टेप तरीका

इसे करने के लिए आपको किसी जिम या विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं है। आप इसे घर में टहलते हुए या दुकान जाते समय भी कर सकते हैं:

सीधे खड़े हों: सबसे पहले अपने कंधों को ढीला छोड़ें और सीधे खड़े हों।

सांस का जादू: नाक से गहरी सांस लें और महसूस करें कि आपका पेट एक गुब्बारे की तरह फूल रहा है।

कोर को सक्रिय करें: सांस छोड़ते समय अपनी नाभि को धीरे से रीढ़ की ओर अंदर की तरफ खींचें। ऐसा महसूस करें जैसे आप किसी तंग जींस की ज़िप बंद करने की कोशिश कर रहे हों।

सक्रियता के साथ चलें: अब इसी अवस्था में सामान्य गति से चलना शुरू करें। ध्यान रहे कि पेट को बहुत जोर से अंदर नहीं खींचना है और न ही सांस रोकनी है। यह एक कोमल खिंचाव होना चाहिए।

अभ्यास का समय: शुरुआत में केवल 2 मिनट से शुरू करें और धीरे-धीरे इसकी अवधि बढ़ाएं।

सफलता के मूल मंत्र: नियमितता और सही पोश्चर

TVA वॉकिंग की सबसे बड़ी खूबी इसकी सुगमता है। आप इसे ब्रश करते समय, किचन में काम करते समय या फोन पर बात करते समय भी कर सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक बार में लंबा सत्र करने के बजाय दिन भर में 3-4 बार छोटे-छोटे सत्र करना अधिक प्रभावी होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपनी सांस पर नियंत्रण रखें। अगर आप सांस रोक रहे हैं या बहुत ज्यादा तनाव महसूस कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आप इसे गलत तरीके से कर रहे हैं। सही मुद्रा और नियमित अभ्यास से कुछ ही हफ्तों में आप अपनी कमर के घेरे और पीठ की मजबूती में फर्क महसूस करेंगे।

कब लें डॉक्टरी सलाह?

हालांकि TVA वॉकिंग एक सुरक्षित और लो-इम्पैक्ट व्यायाम है, लेकिन यदि आपको ऑस्टियोपोरोसिस, रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट या हाल ही में कोई सर्जरी हुई है, तो इसे शुरू करने से पहले अपने फिजियोथेरेपिस्ट या डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। याद रखें, पेट की चर्बी कम करना एक धीमी प्रक्रिया है, जिसमें सही व्यायाम के साथ-साथ संतुलित आहार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।