Patna Brutality : नीट छात्र के साथ दरिंदगी 6 नाबालिग लड़कों पर बर्बरता का शक पुलिसिया जांच पर उठे सवाल

Post

News India Live, Digital Desk: बिहार की राजधानी पटना के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में एक मेडिकल परीक्षार्थी (NEET Student) के साथ हुई अमानवीय घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि आधा दर्जन लड़कों ने मिलकर छात्र के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उसके साथ ऐसी बर्बरता की जिसे सुनकर रूह कांप जाए। इस मामले में पुलिस की जांच और महिला पुलिस अधिकारी की भूमिका पर भी उंगलियां उठ रही हैं।

1. क्या है पूरा मामला? (The Brutal Incident)

पीड़ित छात्र पटना में रहकर नीट की कोचिंग कर रहा था।

घेराबंदी और हमला: जानकारी के अनुसार, करीब 6 लड़कों ने (जिनमें से अधिकांश के नाबालिग होने का शक है) छात्र को सुनसान जगह पर घेरा।

अमानवीय कृत्य: आरोपियों ने छात्र के साथ बर्बरता की हदें पार कर दीं। पीड़ित का आरोप है कि उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया गया और उसके साथ कुकर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम देने की कोशिश की गई।

2. जांच के घेरे में महिला इंस्पेक्टर रोशनी

इस मामले की जांच कर रही महिला इंस्पेक्टर रोशनी की कार्यप्रणाली से न तो पीड़ित पक्ष संतुष्ट है और न ही मीडिया के सवालों का उनके पास कोई ठोस जवाब है:

सवालिया निशानविवरण
अनुत्तरित सवालजब मीडिया ने आरोपियों की पहचान और अब तक हुई कार्रवाई के बारे में पूछा, तो इंस्पेक्टर रोशनी ने चुप्पी साध ली या गोलमोल जवाब दिए।
देरी का आरोपपरिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती घंटों में मामले को गंभीरता से नहीं लिया और आरोपियों को भागने का मौका दिया।
नाबालिग होने का पेंचपुलिस का कहना है कि संदिग्ध 'नाबालिग' हैं, इसलिए कानूनन उनके नाम और जानकारी साझा करने में सावधानी बरती जा रही है।

3. आरोपियों की तलाश और पुलिस की छापेमारी

एसएसपी पटना के निर्देश पर पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई है।

CCTV फुटेज: पुलिस इलाके के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।

संदिग्धों से पूछताछ: पुलिस ने कुछ लड़कों को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी की आधिकारिक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

4. छात्र सुरक्षा पर सवाल

पटना के कोचिंग हब (बोइंग रोड, कंकड़बाग और शास्त्रीनगर) में हजारों छात्र देश भर से आते हैं। इस घटना के बाद छात्रों के बीच डर का माहौल है।

छात्रों की मांग: छात्रों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और कोचिंग इलाकों में 'एंटी-रोमियो स्क्वाड' जैसी सक्रियता की मांग की है। क्या 'जुवेनाइल एक्ट' बनेगा ढाल?

इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों का 'नाबालिग' होना है। अगर आरोपी 18 साल से कम उम्र के पाए जाते हैं, तो उन पर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) के तहत कार्रवाई होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे जघन्य अपराधों में उम्र के साथ-साथ 'अपराध की गंभीरता' को भी आधार बनाया जाना चाहिए ताकि अपराधियों में खौफ रहे।

--Advertisement--