BSCC Scam 2026 : बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में महालूट पटना समेत 6 जिलों के 15 संस्थानों पर गिरी गाज

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News India Live, Digital Desk : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी 'सात निश्चय' योजना के तहत शुरू की गई बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (BSCC) योजना अब जालसाजों के निशाने पर है। शिक्षा विभाग और बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम की आंतरिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। राज्य के 15 प्रमुख शिक्षण संस्थानों पर आरोप है कि उन्होंने मिलीभगत कर करोड़ों रुपये की सरकारी राशि का गबन किया है।

1. कैसे हुआ 'करोड़ों की लूट' का खुलासा? (The Investigation)

जांच रिपोर्ट के अनुसार, कई संस्थानों ने कागजों पर 'फर्जी' छात्रों का नामांकन दिखाकर या एक ही छात्र के नाम पर कई बार लोन पास करवाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया है।

जांच का दायरा: पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया जैसे 6 जिलों के 15 संस्थानों की फाइलें खंगाली जा रही हैं।

फर्जीवाड़ा: जांच में पाया गया कि कई संस्थानों ने उन छात्रों के नाम पर भी राशि निकाल ली, जिन्होंने कभी वहां कदम तक नहीं रखा या जिनका नामांकन केवल कागजों तक सीमित था।

2. घोटाले के 'मोडस ऑपरेंडी' (How it Happened)

जालसाजों ने इस पूरी योजना को लूटने के लिए तीन प्रमुख तरीकों का इस्तेमाल किया:

तरीकाविवरणप्रभाव
घोस्ट स्टूडेंट्स (Ghost Students)ऐसे छात्रों के नाम पर लोन लिया गया जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं था या जो अन्य राज्यों में पढ़ रहे थे।करोड़ों रुपये संस्थानों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर हुए।
कागजों में हेरफेरकॉलेज की फीस और हॉस्टल खर्च को वास्तविकता से कई गुना बढ़ाकर दिखाया गया।छात्र को मिलने वाली 4 लाख की सीमा का अधिकतम 'दोहन' किया गया।
संस्थानों की मिलीभगतकुछ संस्थानों ने बिचौलियों के साथ मिलकर छात्रों के जाली हस्ताक्षर और मार्कशीट का उपयोग किया।गरीब और मेधावी छात्रों के हक पर डकैती डाली गई।

3. शिक्षा विभाग का सख्त एक्शन

बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

भुगतान पर रोक: आरोपी 15 संस्थानों को भविष्य में होने वाले सभी भुगतानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

FIR की तैयारी: जांच पूरी होने के बाद संस्थानों के मालिकों और इसमें शामिल विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

रिकवरी नोटिस: गबन की गई राशि की वसूली (Recovery) के लिए संस्थानों को नोटिस जारी किया जा रहा है।

4. छात्रों पर भी गिरेगी गाज?

विभाग उन छात्रों की भी पहचान कर रहा है जिन्होंने जानबूझकर संस्थानों के साथ मिलकर लोन लिया और पढ़ाई पूरी नहीं की।

मुकदमे की चेतावनी: पटना जिले में ही करीब 6,938 छात्र ऐसे हैं जिन्होंने लोन लेने के बाद न तो राशि लौटाई और न ही रोजगार की जानकारी दी। सरकार अब इन पर डिफॉल्टर घोषित कर कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है।

 क्या रुकेगी योजना?

सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले के बाद अब स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए सत्यापन (Verification) प्रक्रिया को और अधिक सख्त बनाया जा रहा है। अब संस्थानों के 'फिजिकल ऑडिट' के बिना राशि जारी नहीं की जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार के कारण योजना को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि इसे और पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि वास्तविक हकदार छात्रों को इसका लाभ मिलता रहे।

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