Agra Crime : दबंगों की छेड़खानी और अपहरण की कोशिश से टूटी मासूम, आगरा में 10वीं की छात्रा ने की आत्महत्या
News India Live, Digital Desk: ताजनगरी के बाह क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने मनचलों के आतंक और छेड़खानी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। आरोप है कि क्षेत्र के ही एक युवक और उसके साथियों ने छात्रा का रास्ता रोककर उसके साथ अभद्रता की और उसे जबरन अगवा करने का प्रयास किया। इस घटना से बुरी तरह सहमी और अपमानित महसूस कर रही छात्रा ने घर जाकर फंदा लगा लिया।
1. क्या है पूरी घटना? (The Incident)
छात्रा शुक्रवार शाम को घर के पास ही किसी काम से गई थी।
रास्ता रोका: गांव के ही एक युवक ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर छात्रा को घेर लिया।
अपहरण की कोशिश: आरोपियों ने छात्रा के साथ अश्लील हरकतें कीं और उसे खींचकर ले जाने का प्रयास किया। छात्रा किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर रोती हुई घर पहुंची।
आत्मघाती कदम: घर पहुंचने के बाद छात्रा ने परिजनों को आपबीती सुनाई और कमरे में जाकर फांसी लगा ली। जब तक परिजन दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे, उसकी सांसें थम चुकी थीं।
2. परिजनों का आरोप और पुलिस की कार्रवाई
परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
| पक्ष | स्थिति/आरोप |
|---|---|
| परिजनों का पक्ष | आरोपी काफी समय से बेटी को परेशान कर रहे थे। पुलिस को पहले भी सूचित किया गया था लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। |
| पुलिस की कार्रवाई | पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मुख्य आरोपी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। |
| गिरफ्तारी | सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने दबिश देकर एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य फरार हैं। |
3. ग्रामीणों में भारी आक्रोश
घटना के बाद से पूरे गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में मनचलों के हौसले इतने बुलंद हैं कि बेटियों का घर से निकलना दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त से सख्त सजा (फांसी या बुलडोजर एक्शन) की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।
4. प्रशासन की प्रतिक्रिया
क्षेत्राधिकारी (CO) ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच 'फास्ट ट्रैक' मोड में की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
कब सुरक्षित होंगी बेटियां?
आगरा की यह घटना एक बार फिर 'मिशन शक्ति' और पुलिस पेट्रोलिंग के दावों की पोल खोलती है। एक मेधावी छात्रा का इस तरह दुनिया छोड़ जाना समाज के लिए शर्मनाक है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक छेड़खानी जैसे मामलों में पुलिस तत्काल और कठोर कार्रवाई नहीं करेगी, तब तक अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा नहीं होगा।