यूपी के इन शहरों में बसेंगी 114 नई टाउनशिप योगी सरकार का मास्टर प्लान तैयार, जानें आपको कैसे मिलेगा घर
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के शहरी परिदृश्य को बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बढ़ती जनसंख्या और शहरों की ओर पलायन को देखते हुए आवास एवं विकास परिषद और स्थानीय विकास प्राधिकरणों को 114 नई टाउनशिप विकसित करने का जिम्मा सौंपा गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को आधुनिक सुविधाओं से लैस घर उपलब्ध कराना है।
योजना की मुख्य विशेषताएं
विशाल नेटवर्क: ये टाउनशिप प्रदेश के छोटे और बड़े दोनों तरह के शहरों में विकसित की जाएंगी, जिससे बड़े शहरों (जैसे लखनऊ, नोएडा) पर दबाव कम होगा।
लैंड पूलिंग पॉलिसी: सरकार जमीन अधिग्रहण के लिए 'लैंड पूलिंग' मॉडल का उपयोग करेगी, जिसमें किसानों और जमीन मालिकों को भी विकसित टाउनशिप में हिस्सेदार बनाया जाएगा।
स्मार्ट सुविधाएं: इन टाउनशिप में चौड़ी सड़कें, पार्क, स्कूल, अस्पताल, और कमर्शियल हब के लिए अलग से जगह निर्धारित होगी।
किफायती आवास: योजना के तहत EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और LIG (निम्न आय वर्ग) के लिए आरक्षित फ्लैट्स और प्लॉट्स होंगे।
किन शहरों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले चरण में उन शहरों पर ध्यान केंद्रित किया गया है जहाँ औद्योगिक विकास तेजी से हो रहा है:
लखनऊ और कानपुर रोड: यहाँ कई नई टाउनशिप की योजना है।
गोरखपुर और वाराणसी: धार्मिक पर्यटन बढ़ने के कारण यहाँ आवास की भारी मांग है।
अयोध्या: ग्लोबल सिटी के रूप में विकसित हो रहे अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय स्तर की टाउनशिप बनेगी।
मेरठ, आगरा और बरेली: एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी के कारण इन शहरों में भी विस्तार किया जाएगा।
निजी डेवलपर्स की भागीदारी
योगी सरकार ने 'उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति-2023' के तहत निजी डेवलपर्स को भी आमंत्रित किया है। यदि कोई प्राइवेट डेवलपर 10 एकड़ या उससे अधिक जमीन पर टाउनशिप बनाना चाहता है, तो उसे लाइसेंस और अन्य अनुमतियां सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए जल्दी दी जाएंगी।
आम जनता को क्या होगा लाभ?
अवैध कॉलोनियों पर लगाम: सरकारी निगरानी में टाउनशिप बनने से अवैध प्लॉटिंग और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी।
रोजगार के अवसर: निर्माण कार्य शुरू होने से लाखों की संख्या में कुशल और अकुशल श्रमिकों को रोजगार मिलेगा।
आधुनिक जीवनशैली: कम कीमत में लोगों को नियोजित शहरों की तरह रहने का मौका मिलेगा।