यूपी में खुलेगा यूनानी चिकित्सा का हब, दानिश आजाद अंसारी का बड़ा ऐलान, हर जिले तक पहुंचेगी यूनानी दवाएं
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश सरकार आयुर्वेद और होम्योपैथी के साथ-साथ अब 'यूनानी' चिकित्सा पद्धति को मुख्यधारा में लाने के लिए कमर कस चुकी है। अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों तक किफायती और प्रभावी इलाज पहुँचाना है। इसके लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में नए यूनानी मेडिकल कॉलेज और भारी संख्या में औषधालय स्थापित किए जाएंगे।
योजना की मुख्य बातें (Key Highlights)
नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना: यूनानी चिकित्सा में शोध (Research) और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए शिक्षण संस्थान खोले जाएंगे। इससे न केवल छात्रों को करियर के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी पूरी होगी।
गांव-गांव पहुंचेंगे औषधालय: सरकार की योजना है कि हर ब्लॉक स्तर पर कम से कम एक यूनानी औषधालय हो, ताकि ग्रामीण आबादी को जड़ी-बूटियों पर आधारित सुरक्षित इलाज मिल सके।
रोजगार के अवसर: नए कॉलेजों और डिस्पेंसरियों के खुलने से हकीमों (यूनानी डॉक्टरों), फार्मासिस्टों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के लिए हजारों सरकारी नौकरियों के रास्ते खुलेंगे।
आधुनिक बुनियादी ढांचा: मौजूदा यूनानी अस्पतालों का नवीनीकरण किया जाएगा और वहां आधुनिक लैब व डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
यूनानी पद्धति पर सरकार का जोर क्यों?
मंत्री दानिश आजाद अंसारी के अनुसार, यूनानी चिकित्सा पद्धति का भारत में एक लंबा इतिहास रहा है और यह कई बीमारियों के इलाज में अत्यंत प्रभावी है। सरकार इसे केवल एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि एक सशक्त स्वास्थ्य प्रणाली के रूप में विकसित करना चाहती है।
आयुष विभाग के साथ समन्वय
यह पूरा प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित होगा। सरकार की योजना 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज' की तर्ज पर यूनानी सेवाओं को भी जिला स्तर पर मजबूत करने की है। इसके लिए बजट में विशेष प्रावधान करने की तैयारी भी चल रही है।