UP Politics : अपने अनरजिस्टर्ड संघी साथियों से पूछें, वंदे मातरम को लेकर अखिलेश यादव का सत्ता पक्ष पर तीखा प्रहार
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी और आरएसएस (RSS) पर निशाना साधते हुए एक नया विवाद छेड़ दिया है। सदन से लेकर सोशल मीडिया तक, अखिलेश यादव लगातार सरकार को घेर रहे हैं। हालिया बयान में उन्होंने राष्ट्रभक्ति के मुद्दे पर सीधे संघ के स्वयंसेवकों को चुनौती दी है।
क्या है अखिलेश यादव का पूरा बयान?
अखिलेश यादव ने सत्ता पक्ष के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटना बंद करें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा:"अपने उन अनरजिस्टर्ड संघी साथियों से पूछिए कि क्या उन्होंने कभी दिल से वंदे मातरम गाया है? जो लोग दूसरों को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाते हैं, उन्हें पहले अपने संगठन के इतिहास और प्रतीकों के प्रति उनके सम्मान को देखना चाहिए।"
बयान के पीछे के मुख्य बिंदु (Political Context)
'अनरजिस्टर्ड' शब्द का प्रयोग: अखिलेश यादव अक्सर आरएसएस को 'अनरजिस्टर्ड' संस्था कहकर संबोधित करते रहे हैं। उनका तर्क है कि इतने बड़े संगठन का कोई आधिकारिक पंजीकरण नहीं है, जिसे लेकर वे पारदर्शिता पर सवाल उठाते हैं।
राष्ट्रवाद बनाम विकास: सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि जब भी सरकार बेरोजगारी, महंगाई या कानून-व्यवस्था पर घिरती है, तो वह वंदे मातरम या अन्य भावनात्मक मुद्दों का सहारा लेकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करती है।
सदन में नोकझोंक: यह बयान ऐसे समय में आया है जब विधानसभा सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस चल रही है। बीजेपी नेताओं ने विपक्षी गठबंधन पर राष्ट्रविरोधी होने का आरोप लगाया था, जिसके जवाब में अखिलेश ने यह पलटवार किया।
बीजेपी की प्रतिक्रिया
अखिलेश यादव के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी प्रवक्ताओं का कहना है कि वंदे मातरम और तिरंगा हर भारतीय के दिल में है और समाजवादी पार्टी को संघ के समर्पण पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। बीजेपी ने इसे 'तुष्टिकरण की राजनीति' करार दिया है।
2027 के चुनाव की बिसात?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह आक्रामक रुख 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी का हिस्सा है। वे सीधे संघ और बीजेपी के वैचारिक कोर (Core) पर हमला करके अपने समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं।