Panchak 2026 : कल से शुरू हो रहा है पंचक, 21 फरवरी तक भूलकर भी न करें ये 5 काम, लग सकता है भारी दोष

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News India Live, Digital Desk : हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में 'पंचक' को बेहद संवेदनशील समय माना जाता है। कल, 17 फरवरी 2026 से पंचक की शुरुआत हो रही है, जो 21 फरवरी तक चलेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, पंचक के इन 5 दिनों में कुछ विशेष कार्यों को करने की सख्त मनाही होती है, क्योंकि माना जाता है कि इस दौरान किया गया कोई भी अशुभ कार्य पांच गुना बढ़ जाता है।

कब से कब तक है पंचक? (Panchak Dates & Time)

पंचांग के अनुसार, फरवरी महीने का यह पंचक निम्नलिखित समय तक प्रभावी रहेगा:

शुरुआत: 17 फरवरी 2026 (मंगलवार)

समाप्ति: 21 फरवरी 2026 (शनिवार)

चूंकि यह पंचक मंगलवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे ज्योतिषीय गणना में 'अग्नि पंचक' कहा जा सकता है। अग्नि पंचक के दौरान आग से संबंधित कार्यों और निर्माण कार्यों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

पंचक में भूलकर भी न करें ये 5 काम (Forbidden Works)

शास्त्रों के अनुसार, पंचक के दौरान इन कार्यों को करना वर्जित माना गया है:

घास या लकड़ी इकट्ठा करना: इस दौरान ईंधन, घास या लकड़ी जमा करना अशुभ माना जाता है। इससे अग्नि का भय बना रहता है।

घर की छत डलवाना: यदि आप घर बनवा रहे हैं, तो पंचक के दिनों में लेंटर या छत डलवाने का काम रोक दें। ऐसा करना परिवार के लिए कष्टकारी हो सकता है।

चारपाई या बेड बनवाना: पंचक में नया बेड या चारपाई बुनना वर्जित है। माना जाता है कि इससे घर में कलह और अशांति आती है।

दक्षिण दिशा की यात्रा: दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना जाता है। पंचक के दौरान इस दिशा में यात्रा करना हानिकारक हो सकता है।

अंतिम संस्कार के नियम: यदि पंचक के दौरान किसी की मृत्यु हो जाए, तो विशेष विधान (पंचक शांति) के बिना दाह संस्कार नहीं करना चाहिए। इसके लिए पांच पुतले बनाकर साथ में जलाने की परंपरा है।

क्या सभी कार्य वर्जित हैं?

नहीं! लोगों में यह भ्रम रहता है कि पंचक में कोई भी शुभ काम नहीं हो सकता। असल में, पंचक में शादी-ब्याह, मुंडन, और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक नहीं होती (यदि शुभ मुहूर्त उपलब्ध हो)। केवल ऊपर बताए गए पांच विशिष्ट कार्यों से ही बचना चाहिए।

सावधानी ही बचाव है

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचक काल में व्यक्ति का मानसिक तनाव बढ़ सकता है या दुर्घटनाओं की आशंका रहती है। इसलिए इन दिनों में हनुमान चालीसा का पाठ करना या गायत्री मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।