Yoga vs Stretching: कूल्हों की पुरानी जकड़न से पाना है तुरंत राहत? स्ट्रेचिंग नहीं, योग है सबसे तेज समाधान; जानें 5 जादुई आसन
नई दिल्ली/लखनऊ। आज के डिजिटल युग में घंटों लैपटॉप के सामने बैठना, लंबी यात्राएं और शारीरिक सक्रियता की कमी ने 'हिप स्टिफनेस' (कूल्हों की अकड़न) को एक महामारी की तरह फैला दिया है। ज्यादातर लोग इस जकड़न को दूर करने के लिए सामान्य स्ट्रेचिंग का सहारा लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेचिंग केवल अस्थायी राहत देती है। इसके विपरीत, योग मांसपेशियों के साथ-साथ जोड़ों की गतिशीलता (Mobility) और तंत्रिका तंत्र पर काम करता है, जिससे कूल्हों की अकड़न न केवल तेजी से दूर होती है, बल्कि लंबे समय तक वापस नहीं आती।
स्ट्रेचिंग से बेहतर क्यों है योग?
सामान्य स्ट्रेचिंग केवल मांसपेशियों की लंबाई खींचने पर ध्यान देती है। वहीं, योग में गति, सांस लेने की तकनीक (Pranayama) और मांसपेशियों की सक्रियता का समावेश होता है। यह कॉम्बिनेशन 'हिप कैप्सूल' की गहराई में छिपे तनाव को रिलीज करता है। जब आप योग करते हैं, तो आपका तंत्रिका तंत्र (Nervous System) मांसपेशियों को 'रिलैक्स' होने का संकेत देता है, जिससे अकड़न का प्रतिरोध खत्म हो जाता है।
अकड़न दूर करने वाले 5 सबसे प्रभावी योगासन
1. लो लंज (Low Lunge):
यह बैठने से होने वाली अकड़न को दूर करने का सबसे तेज तरीका है। यह उन हिप फ्लेक्सर मांसपेशियों को टारगेट करता है जो लगातार कुर्सी पर बैठने से छोटी और सख्त हो जाती हैं। यह कूल्हों के प्राकृतिक विस्तार (Extension) को बहाल करता है।
2. कबूतर मुद्रा (Pigeon Pose):
कूल्हों और नितंबों के बाहरी हिस्से में छिपे गहरे तनाव को दूर करने के लिए यह 'गोल्ड स्टैंडर्ड' माना जाता है। इस मुद्रा में सांसों का तालमेल मांसपेशियों को बिना किसी जोर-जबरदस्ती के नरम होने के लिए प्रोत्साहित करता है।
3. माला मुद्रा (Malasana/Squat):
लगातार कुर्सी पर बैठने से हम अपनी प्राकृतिक बैठने की क्षमता (Squatting) खो देते हैं। माला मुद्रा कूल्हों, कमर और टखनों को एक साथ स्ट्रेच करती है और शरीर के निचले हिस्से में रक्त संचार बढ़ाती है।
4. 90-90 हिप स्ट्रेच:
यह आधुनिक योग का एक प्रभावी हिस्सा है जो कूल्हों के आंतरिक और बाहरी रोटेशन में सुधार करता है। यह जोड़ों की गतिशीलता बढ़ाकर चलने और मुड़ने जैसी दैनिक गतिविधियों को बहुत आसान बना देता है।
5. छिपकली मुद्रा (Lizard Pose):
यह एक साथ कई मांसपेशियों (भीतरी जांघों, कूल्हे के फ्लेक्सर और नितंब) पर काम करती है। यह बहु-कोणीय दृष्टिकोण (Multi-angled approach) किसी भी एकल स्ट्रेच की तुलना में जकड़न को कहीं अधिक तेजी से खत्म करता है।
तुरंत राहत के लिए 'डायनेमिक' टिप्स
कैट-काउ स्ट्रेच: यदि आप बहुत ज्यादा जकड़न महसूस कर रहे हैं, तो स्थिर बैठने के बजाय कैट-काउ की लयबद्ध गति से शुरुआत करें। इससे जोड़ों में चिकनाई (Lubrication) आती है।
विश्राम है जरूरी: अकड़न का एक बड़ा कारण मानसिक तनाव भी है। अभ्यास के अंत में बद्ध कोण आसन (Reclined Bound Angle) का चुनाव करें ताकि शरीर पूरी तरह शिथिल हो सके।
नियमितता: योग का लाभ तभी मिलता है जब आप इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। ऑफिस में हर 1 घंटे के बाद 2 मिनट के लिए खड़े होकर कूल्हों को घुमाना (Hip Circles) भी फायदेमंद होता है।