Punjab Politics : नवजोत कौर सिद्धू का कांग्रेस से इस्तीफा, राजा वड़िंग पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
News India Live, Digital Desk: पंजाब की राजनीति में मचे घमासान के बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है। नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी और अमृतसर पूर्व की पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने शनिवार (31 जनवरी 2026) को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक के बाद एक कई तीखे पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर पार्टी को 'बेचने' और 'भ्रष्ट' होने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
इस्तीफे के साथ 'लेटर बम': राजा वड़िंग को बताया 'अक्षम और भ्रष्ट'
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू का इस्तीफा किसी साधारण त्यागपत्र की तरह नहीं, बल्कि एक हमले की तरह आया है। उन्होंने राजा वड़िंग पर सीधा निशाना साधते हुए कहा:
AAP से मिलीभगत का आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ गुप्त समझौता करके कांग्रेस को बर्बाद कर दिया ताकि वे खुद को जेल जाने से बचा सकें।
पार्टी बेचने का दावा: डॉ. सिद्धू ने लिखा, "राजा वड़िंग, आपने छोटे-मोटे फायदों के लिए पार्टी को बेच दिया। मेरे लिए तो आपके पास निलंबन पत्र तैयार था, लेकिन उन नेताओं का क्या जिन्होंने नवजोत को हराने के लिए मजीठिया के साथ काम किया?"
खुली चुनौती: उन्होंने दावा किया कि उनके पास राजा वड़िंग को बेनकाब करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
विवाद की जड़: '500 करोड़ का सूटकेस' वाला बयान
आपको बता दें कि यह कड़वाहट रातों-रात पैदा नहीं हुई है। दिसंबर 2025 में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने एक विवादित बयान दिया था कि "पंजाब में मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ का सूटकेस देना पड़ता है।" * इस बयान के बाद कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था।
निलंबन के बाद से ही सिद्धू परिवार और पंजाब कांग्रेस के वर्तमान नेतृत्व के बीच दरार गहरी होती जा रही थी।
क्या भाजपा की ओर झुक रहा है सिद्धू परिवार?
इस्तीफे से ठीक पहले डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने एक और पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे का स्वागत किया। उन्होंने विरोध करने वाले नेताओं को 'राजनीतिक चोर' तक कह डाला।
संकेत: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री की तारीफ और कांग्रेस से इस्तीफा इस बात का साफ संकेत है कि सिद्धू दंपति एक बार फिर भाजपा (BJP) का रुख कर सकते हैं, जहाँ से उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी।
हालांकि, नवजोत सिंह सिद्धू अभी भी कांग्रेस में हैं, लेकिन उनकी पत्नी के इस कदम के बाद उनकी अगली चाल पर सबकी नजरें टिकी हैं।
पंजाब कांग्रेस के लिए बड़ा झटका
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब कांग्रेस में यह कलह पार्टी के लिए घातक साबित हो सकती है। राजा वड़िंग पर 'अक्षम' होने के आरोपों ने पार्टी के भीतर गुटबाजी को और हवा दे दी है। चन्नी, आशु और भट्टल जैसे कई वरिष्ठ नेताओं के नाम लेकर डॉ. सिद्धू ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कांग्रेस में अब काबिल नेताओं की सुनवाई नहीं हो रही है।