डॉक्टर रमीज़ कहाँ छिपे हैं? केजीएमयू धर्मांतरण केस में अब पीलीभीत तक पहुंची जांच की आंच

Post

News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान, केजीएमयू (KGMU) से शुरू हुआ 'कथित धर्मांतरण' का विवाद अब प्रदेश के दूसरे शहरों तक फैल गया है। पुलिस की एक स्पेशल टीम इस मामले के मुख्य चेहरे माने जा रहे डॉक्टर रमीज़ की तलाश में लगातार हाथ-पांव मार रही है। इसी कड़ी में हाल ही में पुलिस की छापेमारी की खबरें पीलीभीत से आई हैं, जहाँ डॉक्टर रमीज़ के पुराने संबंधों और उनके करीबियों को लेकर पड़ताल तेज़ कर दी गई है।

पीलीभीत में अचानक हुई पुलिस की कार्रवाई
बताया जा रहा है कि डॉक्टर रमीज़ का कनेक्शन पीलीभीत से पुराना है। इसीलिए पुलिस ने बिना किसी शोर-शराबे के यहाँ उनके कई ठिकानों और जानकारों के यहाँ दबिश दी। काफी समय तक डॉक्टर के करीबियों और उनसे हाल-फिलहाल में संपर्क रखने वाले लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान डॉक्टर रमीज़ को किन लोगों ने पनाह दी या वे फिलहाल किसके संपर्क में हैं।

क्यों सुलग रहा है KGMU धर्मांतरण का यह मामला?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब केजीएमयू से जुड़े कुछ लोगों पर डरा-धमकाकर या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने इसे प्राथमिकता पर रखा है। डॉ. रमीज़ का नाम इसमें सबसे ऊपर आने के बाद से ही वे गायब हैं, जिससे पुलिस का शक और भी गहरा गया है।

क्या कहती है पीलीभीत की ज़मीनी हकीकत?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुछ महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेज और मोबाइल फोन भी रिकॉर्ड में लिए हैं। पूछताछ में सामने आए तथ्यों को लखनऊ में दर्ज हुई एफआईआर (FIR) से जोड़ा जा रहा है। डॉ. रमीज़ के साथियों से यह भी पूछा गया कि क्या मेडिकल फील्ड की आड़ में किसी विशेष नेटवर्क के जरिए युवाओं या मरीजों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी?