Indore Political Clash : AI समिट के विरोध की आग पहुंची इंदौर आमने-सामने आए भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता, जमकर चले पत्थर और लाठियां
News India Live, Digital Desk : दिल्ली में आयोजित 'AI समिट' के बाहर युवा कांग्रेस के 'शर्टलेस' प्रदर्शन का असर अब मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में भी देखने को मिल रहा है। 21 फरवरी 2026 की दोपहर इंदौर में उस समय तनाव फैल गया जब दिल्ली की घटना के विरोध और समर्थन में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को भारी बैरिकेडिंग करनी पड़ी और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
कैसे शुरू हुआ बवाल? (The Root of Conflict)
दिल्ली में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में इंदौर कांग्रेस ने एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया था। जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, वहां पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए।
पत्थरबाजी और झड़प: देखते ही देखते दोनों गुटों के बीच जुबानी जंग शुरू हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की और पत्थरबाजी में बदल गई।
पुलिस का एक्शन: शहर के राजवाड़ा और कलेक्ट्रेट क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कड़े इंतजाम किए थे। जब स्थिति हाथ से निकलने लगी, तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया और दोनों पक्षों के उपद्रवियों को खदेड़ा।
इंदौर में क्यों है इतना तनाव?
इंदौर हमेशा से ही राजनीति का गढ़ रहा है। दिल्ली में AI Summit 2026 के दौरान बेरोजगारी और एआई के मुद्दे पर हुए प्रदर्शन को भाजपा ने "देश की छवि खराब करने वाला कृत्य" बताया है, जबकि कांग्रेस इसे "युवाओं की आवाज दबाने वाली तानाशाही" करार दे रही है।
घटना की मुख्य बातें:
बैरिकेडिंग: पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है और बाहरी वाहनों का प्रवेश रोक दिया है।
घायल: इस झड़प में दोनों पक्षों के करीब आधा दर्जन कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें आई हैं।
गिरफ्तारी: पुलिस ने उपद्रव करने वाले 10 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लिया है।
प्रशासन की चेतावनी
इंदौर के पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दल को शहर की शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह न फैले। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है।