मेकअप जब कला नहीं, बोझ बन जाए समझिए क्या है 'मेकअप बर्नआउट और आपकी स्किन का सच
News India Live, Digital Desk: आज के दौर में सोशल मीडिया खोलते ही हमें हर तरफ 'ग्लास स्किन', '10-स्टेप रूटीन' और 'नो-मेकअप मेकअप लुक' जैसी हज़ारों सलाहें मिलने लगती हैं। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि हर सुबह शीशे के सामने खड़े होकर चेहरे पर परतें चढ़ाना अब आपके लिए खुशी की बात है या महज़ एक मजबूरी? अगर आपको लगने लगा है कि सजना-धजना अब एन्जॉयमेंट नहीं बल्कि एक थकाने वाला काम बन गया है, तो मुमकिन है कि आप 'मेकअप बर्नआउट' (Makeup Burnout) का सामना कर रही हैं।
आखिर क्या है यह 'मेकअप बर्नआउट'?
आसान शब्दों में कहें तो यह वह स्थिति है जब इंसान लगातार मेकअप करने और परफेक्ट दिखने की कोशिश में मानसिक और शारीरिक रूप से थक जाता है। यह सिर्फ एक फैशन ट्रेंड नहीं है, बल्कि एक ऐसी थकान है जो आपके मन और आपकी स्किन दोनों पर गहरा असर डालती है।
हमारी त्वचा जब 'सांस' लेना भूल जाती है
मेकअप बर्नआउट का सबसे पहला शिकार होती है आपकी त्वचा। हम घंटों चेहरे पर बेस, प्राइमर और फाउंडेशन लगाए रखते हैं। धीरे-धीरे हमारी त्वचा के रोमछिद्र (Pores) बंद होने लगते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि स्किन पर दाने, लालिमा और रुखापन बढ़ने लगता है। सबसे डरावनी बात यह है कि मेकअप की लेयर्स के बिना हम अपना ही चेहरा 'बीमार' और 'थका' हुआ महसूस करने लगते हैं। असल में यह मेकअप का साइड इफेक्ट नहीं, बल्कि हमारी स्किन का चिल्लाकर कहना है— "बस, अब थोड़ा रुक जाओ!"
मानसिक सेहत पर पड़ता असर: एक अजीब सा डर
मेकअप बर्नआउट सिर्फ स्किन की समस्या नहीं है, यह मन से जुड़ी है। आज कई महिलाएं ऐसी हैं जो बिना काजल या कंसीलर के घर से बाहर निकलने में घबराहट महसूस करती हैं। "बिना मेकअप के लोग मुझे कैसा देखेंगे?"—यह सवाल एक गहरी हीनभावना पैदा कर देता है। मेकअप जो कभी हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाता था, अब वो हमारी 'बैसाखी' बन गया है। हम रीयल लुक से डरने लगे हैं और यह तनाव हमारे चेहरे की कुदरती चमक को सोख लेता है।
अब रास्ता क्या है? कैसे निपटें इससे?
मेकअप छोड़ना समाधान नहीं है, लेकिन मेकअप के साथ अपने रिश्ते को बदलना ज़रूरी है। विशेषज्ञों की मानें तो कुछ दिन 'मेकअप फास्टिंग' यानी मेकअप से पूरी तरह ब्रेक लेना सबसे बेस्ट है।
- 'स्किनिमलिज्म' अपनाएं: यानी कम से कम मेकअप का इस्तेमाल करें। अपनी स्किन टेक्सचर को स्वीकार करना शुरू करें।
- सफाई पर ध्यान दें: रात को चाहे कितनी भी थकान क्यों न हो, मेकअप हटाकर ही सोएं।
- सेल्फ लव: अपनी असली त्वचा, अपने काले घेरों या मुहांसों के निशानों से नफरत न करें। ये बताते हैं कि आप एक इंसान हैं, कोई प्लास्टिक की गुड़िया नहीं।