Weight Loss Yoga: काम के बीच नहीं मिलता समय? केवल 10 मिनट का यह 'योगा फ्लो' पिघला देगा शरीर की जिद्दी चर्बी

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नई दिल्ली/लखनऊ। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में घर और ऑफिस की दोहरी जिम्मेदारी निभा रही महिलाओं के लिए खुद के लिए वक्त निकालना किसी चुनौती से कम नहीं है। अक्सर समय की कमी का बहाना व्यायाम के आड़े आ जाता है। लेकिन फिट रहने के लिए आपको घंटों जिम में पसीना बहाने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आप रोजाना केवल 10 मिनट का समय निकालकर खास योगासनों का अभ्यास करें, तो न केवल वजन तेजी से कम होगा, बल्कि शरीर की ऊर्जा और कार्यक्षमता में भी जबरदस्त इजाफा होगा।

ऊपरी शरीर और मेटाबॉलिज्म के लिए पर्वतारोहण मुद्रा

वर्कआउट की शुरुआत पर्वतारोहण मुद्रा (माउंटेन पोज) से करें। सीधे खड़े होकर हाथों को ऊपर उठाने से शरीर की सभी मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं। यह आसन शरीर में रक्त संचार बढ़ाता है और फैट बर्निंग प्रोसेस को किक-स्टार्ट करता है। इसके तुरंत बाद चेयर पोज़ (उत्कटासन) का अभ्यास करें। यह जांघों, कूल्हों और कमर की मांसपेशियों पर सीधा असर डालता है। इसे करने से हृदय गति बढ़ती है, जिससे वर्कआउट खत्म होने के बाद भी शरीर कैलोरी बर्न करता रहता है।

कमर की चर्बी और लचीलेपन पर वार

सिटिंग जॉब के कारण अक्सर महिलाओं की कमर के पास फैट जमा होने लगता है। इसके लिए साइड स्ट्रेच और फॉरवर्ड फोल्ड का कॉम्बिनेशन जादुई असर दिखाता है। साइड स्ट्रेच पेट की तिरछी मांसपेशियों (Oblique Muscles) को टोन करता है, वहीं आगे झुकने वाले आसनों से पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। यह क्रम न केवल तनाव कम करता है बल्कि रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को भी बढ़ाता है।

फुल बॉडी टोनिंग के लिए प्लैंक और लो लंज

अगर आप पूरे शरीर को एक साथ टोन करना चाहती हैं, तो प्लैंक पोज़ से बेहतर कुछ नहीं है। यह मेटाबॉलिक रेट को तेजी से बढ़ाता है। इसके साथ ही लो लंज (Low Lunge) का अभ्यास पैरों और हिप फ्लेक्सर्स को सक्रिय करता है। संतुलन बनाने की इस प्रक्रिया में शरीर अधिक ऊर्जा खर्च करता है, जिससे वजन घटाना आसान हो जाता है। वहीं, घुटने टेककर किया जाने वाला चतुरंग आसन बाहों और छाती की मांसपेशियों को बिना जोड़ों पर दबाव डाले मजबूती प्रदान करता है।

स्ट्रेंथ और स्टेमिना के लिए वॉरियर-II और देवी मुद्रा

ताकत और एकाग्रता बढ़ाने के लिए वॉरियर II (वीरभद्रासन) और देवी मुद्रा (Goddess Pose) सबसे प्रभावी हैं। ये आसन शरीर के निचले हिस्से, विशेषकर जांघों के भीतरी भाग और नितंबों की मांसपेशियों को चुनौती देते हैं। देवी मुद्रा में स्क्वाट पोजीशन को कुछ देर होल्ड करने से शरीर के निचले हिस्से की टोनिंग तेजी से होती है और सहनशक्ति बढ़ती है।

पाचन दुरुस्त और तनाव मुक्त शरीर

वर्कआउट के अंत में ब्रिज पोज़ और सीटेड ट्विस्ट का अभ्यास करें। ब्रिज पोज़ पीठ की मांसपेशियों को सक्रिय कर शरीर के पोश्चर में सुधार करता है, जबकि बैठकर किया जाने वाला ट्विस्ट (Seated Twist) पाचन क्रिया को तेज कर फैट मेटाबॉलिज्म में मदद करता है। यह 10 मिनट का व्यवस्थित अभ्यास व्यस्त महिलाओं को बिना थकाए दिनभर सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखने में सक्षम है।