दौलत या नफरत? रायपुर के इस बिजनेसमैन ने भाई को मार दिया, अब जेल में ही बीतेगी पूरी जिंदगी
News India Live, Digital Desk : कहते हैं कि भाई-भाई की जोड़ी राम-लक्ष्मण जैसी होती है, लेकिन रायपुर के इस वाकये ने उस विश्वास को तोड़ दिया। यह पूरा मामला एक साल से अधिक समय से अदालत में चल रहा था। रायपुर के एक सफल व्यवसायी भाई पर आरोप था कि उसने एक विवाद के दौरान आपा खो दिया और अपने ही छोटे भाई की बेहरमी से हत्या कर दी।
क्या थी उस खौफनाक दिन की सच्चाई?
शुरुआती जांच और चश्मदीदों के मुताबिक, दोनों भाइयों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। बहस इतनी बढ़ गई कि बड़े भाई ने अपनी रईसी और खून के रिश्ते का मान तक नहीं रखा। गुस्से में किए गए एक वार ने न केवल छोटे भाई को हमेशा के लिए शांत कर दिया, बल्कि उस परिवार के खुशहाल भविष्य को भी राख कर दिया।
कोर्ट का फैसला और सख्त टिप्पणी
रायपुर कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए इसे जघन्य माना। न्यायाधीश ने कहा कि समाज में इस तरह के कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है, जहाँ रक्षक ही भक्षक बन जाए। बिजनेसमैन को साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोषी पाते हुए 'आजीवन कारावास' की सजा सुनाई गई है। इसका मतलब यह है कि वह आलीशान जिंदगी और सुख-सुविधाएं छोड़ अब लोहे की सलाखों के पीछे अपनी गलतियों का पश्चात्ताप करेगा।
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा
इस फैसले के आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। रायपुर के स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि एक पढ़ा-लिखा और आर्थिक रूप से मज़बूत इंसान कैसे इतना हिंसक हो सकता है। यह मामला एक सबक है उन लोगों के लिए जो छोटी-छोटी संपत्तियों या ईगो (Ego) के चक्कर में अपने ही परिवार के दुश्मन बन जाते हैं।
रायपुर पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलझाने में कडी मेहनत की थी, और अब इस फैसले से पीड़ित पक्ष (मारे गए भाई की पत्नी और बच्चों) को कम से कम कानून की ओर से इंसाफ तो मिला है, भले ही उनके परिवार का वो खालीपन कभी न भर सके।