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April 14 2026 04:33 am

US-Iran Ceasefire: ईरान की 'विश लिस्ट' पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, व्हाइट हाउस ने कहा- 'कचरे के डिब्बे में डालने लायक था प्रस्ताव'

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वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच घोषित दो हफ्ते का 'सीजफायर' शुरू होते ही कूटनीतिक युद्ध में बदल गया है। व्हाइट हाउस ने बेहद सख्त लहजे में स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की शुरुआती शर्तों को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ईरान ने जो प्रस्ताव भेजा था, वह समझौता नहीं बल्कि उसकी अपनी 'विश लिस्ट' थी। इस तनातनी ने मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों पर फिर से अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं।

'मजाकिया और अस्वीकार्य': व्हाइट हाउस का तीखा हमला

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने कहा, "ईरान का शुरुआती प्रस्ताव पूरी तरह से बेतुका था। यह सोचना भी गलत है कि राष्ट्रपति ट्रंप ऐसी शर्तों को स्वीकार करेंगे।" हालांकि, ट्रंप ने बाद में बातचीत के लिए एक 'व्यावहारिक आधार' मिलने की बात कही थी, लेकिन उसकी असली बारीकियां अब तक गुप्त रखी गई हैं।

लेबनान बना विवाद का केंद्र: तीन देश, तीन अलग दावे

सीजफायर समझौते को लेकर सबसे बड़ा विरोधाभास लेबनान को लेकर है। इस मुद्दे पर दुनिया के सामने तीन अलग-अलग वर्जन आ रहे हैं:

डोनाल्ड ट्रंप का स्टैंड: ट्रंप ने पेंटागन की ब्रीफिंग में साफ कहा कि लेबनान इस डील का हिस्सा नहीं है। इजरायल वहां हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रखेगा।

ईरान की जिद: तेहरान का दावा है कि समझौते की मुख्य शर्त ही लेबनान में इजरायली हमलों को रोकना था।

इजरायल का रुख: इजरायल ने लेबनान पर हमले तेज कर यह संकेत दे दिया है कि वह ट्रंप की बात से सहमत है और इसे एक अलग मोर्चा मानता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य और प्रतिबंध: ईरान की बड़ी मांगें

ईरान ने जो मांगें अमेरिका के सामने रखी हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं। ईरान ने न केवल अपनी 'फ्रीज' की गई अरबों डॉलर की संपत्ति को रिलीज करने की मांग की है, बल्कि वह 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Hormuz Strait) पर भी पूरा नियंत्रण चाहता है। इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका से सभी प्राथमिक और माध्यमिक प्रतिबंधों (Sanctions) को तत्काल हटाने की शर्त रखी है, जो वाशिंगटन के लिए फिलहाल नामुमकिन नजर आ रहा है।

पाकिस्तानी PM के ट्वीट ने बिगाड़ा खेल!

इस कूटनीतिक खींचतान में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की एंट्री ने भ्रम को और गहरा कर दिया है। शरीफ ने दावा किया था कि सीजफायर लेबनान समेत हर जगह लागू है। इसी का फायदा उठाते हुए ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शरीफ के ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर कर अमेरिका को घेरा। अराघची ने चेतावनी देते हुए कहा, “गेंद अब अमेरिका के पाले में है; उसे शांति और इजरायल के युद्ध में से एक को चुनना होगा।”