लखनऊ में बनेगा UP का अपना सेंट्रल विस्टा 15 अप्रैल तक डिजाइन फाइनल करने की डेडलाइन, जानें कैसा होगा नया विधान भवन
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य को एक नया और आधुनिक विधान भवन देने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। लखनऊ के गोमती नगर इलाके में बनने वाले इस भव्य परिसर के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को विस्तृत डिजाइन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन ने इसके लिए 15 अप्रैल 2026 की सख्त समय-सीमा (Deadline) तय की है, ताकि जल्द से जल्द मुख्यमंत्री के समक्ष प्रोजेक्ट का खाका पेश किया जा सके।
नई संसद जैसा होगा लुक और सुविधाएं
दिल्ली में बनी भारत की नई संसद भवन की तर्ज पर ही यूपी का नया विधान भवन भी तैयार किया जाएगा। इसके लिए उसी आर्किटेक्चर फर्म (HCP डिजाइन) की मदद ली जा रही है जिसने नई संसद का डिजाइन बनाया था। यह नया परिसर न केवल दिखने में भव्य होगा, बल्कि तकनीकी रूप से भी पूरी तरह डिजिटल और 'पेपरलेस' कामकाज के लिए अनुकूल होगा।
गोमती नगर में 'सहारा शहर' की जमीन पर लगेगी मुहर!
प्रोजेक्ट के लिए सबसे बड़ी चुनौती जमीन की थी, जिसे अब सुलझा लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, गोमती नगर स्थित सहारा शहर की करीब 245 एकड़ जमीन पर इस नए विधान भवन और सचिवालय परिसर का निर्माण प्रस्तावित है। यह स्थान वीवीआईपी आवाजाही और प्रशासनिक कामकाज के लिहाज से बेहद उपयुक्त माना जा रहा है।
क्यों पड़ी नए विधान भवन की जरूरत?
पुराना ढांचा: मौजूदा विधान भवन 1928 में बना था, जो अब लगभग 100 साल पुराना होने जा रहा है।
सीमित क्षमता: विधानसभा के 403 और विधान परिषद के 100 सदस्यों के बैठने के लिए मौजूदा हॉल में जगह की भारी कमी है।
आधुनिक तकनीक: पुराने भवन में नई डिजिटल सुविधाओं और सुरक्षा उपकरणों को इंस्टॉल करना चुनौतीपूर्ण है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि यह नया विधान भवन उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक प्रगति का संगम बने। डिजाइन को हरी झंडी मिलते ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।