संसद में अब बजट नहीं, महायुद्ध पर हो चर्चा अखिलेश यादव का बड़ा बयान गिरवी रख दी गई है, देश की विदेश नीति ट्वीट कर गिनाए 5 ज्वलंत मुद्दे

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News India Live, Digital Desk: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक जोरदार ट्वीट कर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। अखिलेश यादव ने वैश्विक स्तर पर युद्ध जैसे हालातों (West Asia War) का हवाला देते हुए मांग की है कि अब संसद की प्राथमिकताएं बदलनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति 'गिरवी' रख दी गई है और अब फैसले देश नहीं, बल्कि बाहरी ताकतें (अमेरिका) ले रही हैं।

अखिलेश यादव ने ट्वीट में उठाए ये 5 बड़े सवाल

सपा प्रमुख ने कहा कि जब बजट सत्र का अंतराल (Recess) हुआ था, तब स्थितियां अलग थीं, लेकिन आज 'युद्धकालीन' माहौल है। उन्होंने चर्चा के लिए ये मुद्दे सुझाए हैं:

युद्ध पर भारत का रुख: वर्तमान वैश्विक संकट और युद्ध के संदर्भ में भारत का स्पष्ट पक्ष और राय क्या है?

विदेश नीति का मुद्दा: क्या भारत की विदेश नीति किसी के दबाव में है? अखिलेश ने इसे 'गिरवी' रखने जैसा गंभीर शब्द दिया है।

तेल और आपूर्ति: क्या भारत तेल जैसी जरूरी आपूर्ति पर 'आत्मनिर्णय' ले पा रहा है या आदेशों का पालन कर रहा है?

फंसे हुए भारतीयों की सुरक्षा: जो भारतीय नागरिक और मीडियाकर्मी विदेश में युद्ध के बीच फंसे हैं, उनकी सुरक्षित वापसी के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं?

बदलती प्राथमिकताएं: देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े सवालों पर संसद में तुरंत बहस होनी चाहिए।

'अमेरिका तय कर रहा हमें किससे तेल खरीदना है'

अखिलेश यादव ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए यह भी कहा कि "यह चिंता का विषय है कि अमेरिका तय कर रहा है कि हमें किससे तेल खरीदना चाहिए और किससे नहीं।" उन्होंने मांग की है कि फ्लोर लीडर्स की बैठक में इन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाए।

विपक्ष का हंगामा और सदन की कार्यवाही

अखिलेश यादव और राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने सदन में इन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन भी किया। विपक्ष के इस कड़े रुख के कारण बजट सत्र का दूसरा हिस्सा काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है।