ईरान-इजरायल युद्ध के बीच वतन वापसी की बड़ी तैयारी आज खाड़ी देशों से भारत आएंगी 50 उड़ानें, सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन

Post

News India Live, Digital Desk: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच विदेश में फंसे भारतीयों के लिए राहत भरी खबर है। भारत सरकार ने हवाई यात्रा को लेकर अपना पूरा फोकस बढ़ा दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के अनुसार, आज यानी 9 मार्च 2026 को भारतीय एयरलाइंस पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों से लगभग 50 उड़ानें संचालित कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि युद्ध जैसी स्थितियों के बावजूद यात्रियों को सुरक्षित और किफायती तरीके से वापस लाया जा सके।

सरकार का 'मिशन वतन वापसी': मुख्य बिंदु

मंत्रालय ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एयरलाइंस और यात्रियों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं:

50 उड़ानों का संचालन: एयर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा एयर जैसी कंपनियां दुबई, अबू धाबी, मस्कट, जेद्दा और फुजैरा जैसे प्रमुख हवाई अड्डों से भारतीयों को लेकर भारत पहुंचेंगी।

टिकट की कीमतों पर नजर: सरकार ने स्पष्ट किया है कि एयरलाइंस इस संकट का फायदा उठाकर किराया नहीं बढ़ा सकेंगी। टिकट की कीमतों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि यात्रियों पर आर्थिक बोझ न पड़े।

सुरक्षा पहले: हवाई क्षेत्र (Airspace) की स्थिति को देखते हुए एयरलाइंस को अपनी उड़ानों के रूट और समय में जरूरी बदलाव करने की पूरी छूट दी गई है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

अब तक का डेटा: हजारों की हुई घर वापसी

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में भारी संख्या में भारतीय सुरक्षित लौटे हैं:

7 मार्च: 51 उड़ानों के जरिए 8,175 यात्री भारत पहुंचे।

8 मार्च: 49 उड़ानों का सफल संचालन किया गया।

कुल वापसी: मार्च के पहले सप्ताह में अब तक 52,000 से अधिक भारतीय खाड़ी देशों से वापस आ चुके हैं।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

एयरलाइंस के संपर्क में रहें: उड़ानों के समय में अंतिम समय पर बदलाव संभव है, इसलिए अपनी संबंधित एयरलाइन के आधिकारिक अपडेट्स चेक करते रहें।

हेल्पलाइन का उपयोग: किसी भी समस्या या जानकारी के लिए मंत्रालय के पैसेन्जर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (PACR) से संपर्क करें।

अफवाहों से बचें: केवल आधिकारिक सरकारी बयानों और एयरलाइंस की वेबसाइट पर ही भरोसा करें।