UP को एक और एक्सप्रेस-वे की सौगात! पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे अब कुशीनगर तक जुड़ेगा, हरियाणा से बंगाल का सफर होगा आसान

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गोरखपुर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सड़कों के जाल को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया गया है। यातायात को रफ्तार देने के लिए अब पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे को कुशीनगर तक बढ़ाया जाएगा। लगभग 750 किलोमीटर लंबे इस विशाल एक्सप्रेस-वे के लिए विशेषज्ञों की टीम ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। गोरखपुर के पीपीगंज इलाके में जियो टैगिंग और पत्थरों से निशानदेही का काम तेजी से चल रहा है। सर्वे पूरा होते ही इसका नक्शा तैयार कर अंतिम मंजूरी के लिए मंत्रालय को भेजा जाएगा, जिसके बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।

अब हरियाणा से सीधे बंगाल तक का सफर होगा आसान
पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे को लेकर सबसे बड़ा अपडेट यह है कि इसे अब कुशीनगर में निर्माणाधीन सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा। इस இணைப்பு के बाद हरियाणा से पश्चिम बंगाल तक का सफर बेहद सुगम और तेज हो जाएगा। यह एक ‘ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे’ होगा, जिसका मतलब है कि इसे बनाते समय पर्यावरण का खास ख्याल रखा जाएगा। सर्वे टीम ऐसा रास्ता तैयार कर रही है, जिससे कम से कम पेड़-पौधों को नुकसान हो। इस विस्तार से कई राज्यों के बीच व्यापार और कनेक्टिविटी को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

यूपी के इन 21 जिलों से होकर गुजरेगा नया एक्सप्रेस-वे
यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के 20 से अधिक जिलों की तकदीर बदलेगा। यह विशाल मार्ग हरियाणा के पानीपत से शुरू होकर यूपी के शामली, मेरठ, बरेली, लखनऊ, बलरामपुर, सिद्धार्थ नगर, संत कबीर नगर, और गोरखपुर होते हुए कुशीनगर तक जाएगा। जहां एक तरफ इस प्रोजेक्ट ने विकास की नई उम्मीदें जगाई हैं, वहीं दूसरी ओर जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों के बीच मुआवजे को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

जमीन मुआवजे को लेकर किसानों की चिंता और प्रशासन का जवाब
एक्सप्रेस-वे के रास्ते में आने वाली जमीन के अधिग्रहण को लेकर किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि साल 2016 के बाद से सर्किल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि जमीनों की बाजार कीमत कई गुना बढ़ चुकी है। उनकी मांग है कि छोटी जोत वाले किसानों को आवासीय दर पर मुआवजा दिया जाए ताकि वे अपना गुजर-बसर कर सकें। इस मामले पर एसडीएम सिद्धार्थ पाठक ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि अभी केवल रास्ता तय हुआ है, आधिकारिक गजट आना बाकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमों के अनुसार, शहरी क्षेत्र में सर्किल रेट का दोगुना और ग्रामीण क्षेत्रों में चार गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान है, जिसकी अंतिम स्थिति गजट जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।