UP को गंगा एक्सप्रेसवे की सौगात! 12 घंटे का सफर अब 7 घंटे में, लेकिन जेब करनी होगी ढीली, जानिए कितना लगेगा टोल टैक्स?
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की विकास गाथा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्य के बहुप्रतीक्षित 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को फरवरी के दूसरे सप्ताह से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के चालू होने के साथ ही पश्चिमी यूपी के मेरठ से प्रयागराज तक का 12-13 घंटे का थका देने वाला सफर महज 6 से 7 घंटों में पूरा हो जाएगा। मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होने वाले इस एक्सप्रेसवे पर खड़खड़ी टोल प्लाजा का काम पूरा हो चुका है। यह एक्सप्रेसवे न केवल समय बचाएगा, बल्कि पूरे प्रदेश की आर्थिक तस्वीर को भी नई गति देगा।
मेरठ से प्रयागराज तक ₹1515 टोल, जेब पर पड़ेगा असर
गंगा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार सफर के लिए यात्रियों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। सूत्रों के मुताबिक, टोल की प्रस्तावित दरें तय कर ली गई हैं। यदि आप कार, जीप या किसी अन्य हल्के वाहन से मेरठ से प्रयागराज तक की 594 किलोमीटर की पूरी दूरी तय करते हैं, तो आपको एक तरफ के सफर के लिए 1515 रुपये का टोल चुकाना होगा। इसका मतलब है कि आने और जाने (राउंड ट्रिप) के लिए कुल 3030 रुपये का भुगतान करना होगा। कार और जीप जैसे हल्के वाहनों के लिए टोल की दर 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर रखी गई है, वहीं, बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए यह 8.15 रुपये प्रति किलोमीटर होगी।
120 KMPH की रफ्तार, हाईटेक कैमरों से होगी निगरानी
गंगा एक्सप्रेसवे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया गया है, जहां वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड से फर्राटा भर सकेंगे। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरे एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। रात के सफर को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए पूरे रास्ते पर स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था की गई है। तकनीक और रफ्तार का यह संगम उत्तर प्रदेश में यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा।
सिर्फ सफर नहीं, गांवों की तकदीर भी बदलेगा एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे सिर्फ शहरों को नहीं जोड़ रहा, बल्कि उन गांवों के लिए भी तरक्की का रास्ता खोल रहा है, जो अब तक विकास की मुख्य धारा से कटे हुए थे। मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, बदायूं और शाहजहांपुर जैसे जिलों के दर्जनों गांवों के पास से गुजरने वाला यह एक्सप्रेसवे स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल ग्रामीणों का सफर आसान होगा, बल्कि एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे औद्योगिक गलियारों (Industrial Corridors) से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर भी पैदा होंगे।
इन प्रमुख जगहों पर बनाए गए हैं टोल प्लाजा
यात्रियों की सुविधा के लिए एक्सप्रेसवे पर प्रमुख शहरों और संपर्क मार्गों के पास टोल बूथ बनाए गए हैं। मेरठ सर्किल के अंतर्गत कुछ महत्वपूर्ण टोल पॉइंट इस प्रकार हैं:
- सिंभाली: दिल्ली-मुरादाबाद रोड पर।
- सदरपुर: गढ़मुक्तेश्वर-बुलंदशहर मार्ग के निकट।
- संभल: अनूपशहर जाने वाली मुख्य सड़क पर।
- हसनपुर: अलीगढ़ जाने वाले मार्ग पर।
- चंदौसी: चंदौसी को अलीगढ़ से जोड़ने वाली सड़क पर।