Gold Rate Today: सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी, दो दिनों में ₹1970 तक सस्ता हुआ सोना; जानें 10 मार्च के ताजा भाव

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नई दिल्ली, ब्यूरो।पश्चिमी एशिया (मिडिल ईस्ट) में ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण युद्ध के बावजूद भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी का रुख बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड के कारण कीमती धातुओं पर दबाव देखा जा रहा है। दिल्ली के बाजार में आज 24 कैरेट सोना ₹10 और 22 कैरेट सोना ₹10 प्रति दस ग्राम सस्ता हुआ है। पिछले दो दिनों की बात करें तो 24 कैरेट सोना कुल ₹1970 तक कमजोर हो चुका है।

सोना हुआ सस्ता: दो दिनों में भारी गिरावट

राजधानी दिल्ली समेत देश के बड़े शहरों में सोने के भाव लगातार दूसरे दिन गिरे हैं। सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग तो है, लेकिन डॉलर इंडेक्स में मजबूती और ऊंची ब्याज दरों ने इसकी चमक को फिलहाल थोड़ा फीका कर दिया है।

24 कैरेट (शुद्ध सोना): दो दिनों में ₹1970 प्रति 10 ग्राम की गिरावट।

22 कैरेट (जेवराती सोना): दो दिनों में ₹1810 प्रति 10 ग्राम की कमजोरी।

सिटीवाइज गोल्ड रेट (10 मार्च 2026): आपके शहर का भाव

यहाँ देश के प्रमुख शहरों में 18, 22 और 24 कैरेट सोने के ताजा दाम दिए गए हैं:

शहर24 कैरेट (10 ग्राम)22 कैरेट (10 ग्राम)18 कैरेट (10 ग्राम)
दिल्ली₹1,61,820₹1,48,340₹1,21,400
लखनऊ₹1,61,820₹1,48,340₹1,21,400
मुंबई₹1,61,670₹1,48,190₹1,21,250
जयपुर₹1,61,820₹1,48,340₹1,21,400
पटना₹1,61,720₹1,48,240₹1,21,300
कोलकाता₹1,67,610₹1,53,640₹1,25,710
चेन्नई₹1,63,620₹1,48,190₹1,21,250

चांदी की चमक भी हुई फीकी: ₹5,100 की बड़ी गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी के खरीदारों के लिए भी राहत की खबर है। चार दिनों तक स्थिर रहने के बाद चांदी के भाव में पिछले दो दिनों में ₹5,100 प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट आई है।

दिल्ली में आज का भाव: ₹2,79,900 प्रति किग्रा (आज ₹100 की कमी)।

सबसे महंगी चांदी: चेन्नई में चांदी अभी भी सबसे महंगी है, जहाँ भाव ₹2,89,900 प्रति किग्रा बना हुआ है।

मुंबई/कोलकाता: यहाँ चांदी दिल्ली के समान ₹2,79,900 के भाव पर बिक रही है।

युद्ध के बीच क्यों गिर रहे हैं दाम?

आमतौर पर युद्ध के समय सोने के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार कुछ अलग कारण हावी हैं:

मजबूत अमेरिकी डॉलर: डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग में कमी आती है और कीमतें गिरती हैं।

ऊँची ब्याज दरें: वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें ऊँची होने से निवेशक बॉन्ड जैसे ब्याज देने वाले विकल्पों की ओर मुड़ रहे हैं।

मुनाफावसूली: कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने के बाद बड़े निवेशकों ने अपना मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया है, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ा है।