कद्दावर नेता और आंखों में आंसू, मंच पर अपना संघर्ष याद कर क्यों सिसकने लगे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक?
News India Live, Digital Desk: हमेशा सफेद कुर्ता-पायजामा और चेहरे पर एक सख्त नेता वाली छवि रखने वाले ब्रजेश पाठक को लेकर अक्सर चर्चा उनके काम और दौरों को लेकर होती है। लेकिन एक कार्यक्रम के दौरान जो कुछ हुआ, उसने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि सफलता की कुर्सी तक पहुँचने का रास्ता कितना काँटों भरा होता है। हुआ यह कि मंच पर बोलते-बोलते ब्रजेश पाठक अचानक बेहद भावुक (Emotional) हो गए।
अपनी पुरानी कहानी और पुराने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए उनकी आवाज़ भारी होने लगी। एक वक्त ऐसा आया जब उनका गला रूंध गया और वे अपनी बात पूरी भी नहीं कर पाए और मंच पर ही रो पड़े। जो नेता विरोधियों की बोलती बंद करने के लिए जाना जाता है, उसे इस तरह भावुक देख कर पंडाल में सन्नाटा पसर गया।
दरअसल, वे अपने छात्र जीवन या शुरुआती दिनों की उन मुश्किलों और जद्दोजहद का ज़िक्र कर रहे थे, जिन्होंने उन्हें फर्श से अर्श तक पहुँचाया। उन्होंने बताया कि कैसे शून्य से शुरुआत कर यहाँ तक पहुँचने के लिए उन्होंने न जाने कितने ही समझौतों और संघर्षों को सहा है। अक्सर बड़े नेताओं को लोग उनकी मौजूदा स्थिति से देखते हैं, लेकिन उनके पीछे की लंबी लड़ाई छिप जाती है।
ब्रजेश पाठक का यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। लोग कह रहे हैं कि इंसान चाहे कितना भी बड़ा हो जाए, उसे अपनी ज़मीन और अपनी पुरानी जड़ें कभी नहीं भूलनी चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब किसी नेता के आँसू निकले हों, लेकिन जिस तरह से उन्होंने सहजता से अपनी तकलीफ लोगों के सामने रखी, उसने उनकी छवि में एक 'आम इंसान' वाला टच जोड़ दिया है।
आपकी इस भावुक पल के बारे में क्या राय है? क्या आपको भी लगता है कि नेताओं को भी कभी-कभी अपनी मानवीय संवेदनाओं को इस तरह ज़ाहिर करना चाहिए?