UP cough Syrup Smuggling : मर्सिडीज भी गई और साख भी कफ सिरप के काले खेल में बेटे की गलती की सजा क्या पिता को मिली?
News India Live, Digital Desk : कहते हैं कि गलत रास्ते से कमाई गई दौलत भले ही कुछ समय के लिए सुख दे दे, लेकिन जब कानून का शिकंजा कसता है, तो सब कुछ रेत की तरह हाथ से फिसल जाता है। उत्तर प्रदेश में कफ सिरप की तस्करी (Cough Syrup Smuggling) करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने कुछ ऐसा ही सख्त कदम उठाया है जिसकी गूँज दूर तक सुनाई दे रही है।
ताज़ा कार्रवाई में, तस्करी के आरोपी शुभम और उसके परिवार की लगभग 2.5 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। लेकिन इस पूरी कुर्की में जो सबसे ज़्यादा चर्चा का विषय बनी, वह थी शुभम के पिता की शानदार मर्सिडीज कार। पुलिस की टीम जब इस लक्जरी गाड़ी को उठाने पहुँची, तो इलाके में हड़कंप मच गया। अक्सर लोग समझते हैं कि इस तरह के छोटे दिखने वाले धंधों में शायद पुलिस की नज़र नहीं पड़ेगी, लेकिन यहाँ प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अपराधी चाहे कोई भी हो, उसकी अवैध संपत्ति नहीं बचेगी।
यह मामला सिर्फ आर्थिक अपराध का नहीं है। कफ सिरप की तस्करी का जाल पूरे प्रदेश में फैला हुआ है, जहाँ सस्ती दवा को नशे के तौर पर ऊँचे दामों पर बेचा जाता है। इससे न सिर्फ राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि युवाओं का भविष्य भी बर्बाद हो रहा है। शुभम जैसे लोग इस काले कारोबार के ज़रिए रातों-रात अमीर बनने का सपना देखते हैं और फिर मर्सिडीज जैसी गाड़ियाँ उनके आंगन में खड़ी हो जाती हैं।
प्रशासन की इस 'जीरो टॉलरेंस' नीति ने उन लोगों को कड़ा संदेश दिया है जो समझते हैं कि वे सफेदपोश बनकर पर्दे के पीछे से नशे का व्यापार चलाते रहेंगे। जाँच में पाया गया कि ये तमाम संपत्तियाँ तस्करी के पैसों से ही अर्जित की गई थीं, जिसके बाद नियम अनुसार कुर्की की यह बड़ी कार्रवाई की गई।
देखा जाए तो ऐसे एक्शन ज़रूरी हैं ताकि समाज में एक डर बना रहे। केवल गिरफ्तारी से बात नहीं बनती, जब तक अपराधी की उस आर्थिक कमर को न तोड़ा जाए जिसे उसने दूसरों की जान की कीमत पर मज़बूत किया है। आपकी इस कड़ी कार्रवाई के बारे में क्या राय है? क्या आपको लगता है कि सिर्फ कार और जमीन जब्त करना काफी है? कमेंट्स में अपनी बात जरूर रखें।