UP Election : जब कुंडा में राजा भैया का ही नाम गायब हो जाए ,विधायक की पत्नी और बेटियों के नाम पर क्यों मची रार?

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News India Live, Digital Desk : कहते हैं कि सरकारी फाइलें जब इधर से उधर होती हैं, तो उसमें क्या लिखा है और क्या मिट गया है, इसका अंदाज़ा बड़े-बड़े सूरमाओं को भी नहीं होता। हाल ही में प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से चर्चित विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। खबर आई है कि राजा भैया की पत्नी भान्वी सिंह और उनकी दोनों बेटियों का नाम यूपी की नई वोटर लिस्ट (SIR) से गायब मिला है।

अब आप खुद सोचिए, कुंडा जैसी जगह जहाँ सालों से राजा भैया का ही सिक्का चलता है, वहां उनके खुद के परिवार का वोटिंग लिस्ट में न होना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। इसे प्रशासन की भारी चूक कहें या फाइलों का कोई तकनीकी फेरबदल, लेकिन राजा भैया इस बात से काफी नाखुश हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँचा दी गई है।

अक्सर हम सुनते हैं कि चुनाव के वक्त किसी आम इंसान का नाम कट गया या किसी की आईडी में गलती हो गई। लेकिन जब एक कद्दावर विधायक की फैमिली का ही नाम गायब हो, तो विभाग के काम करने के तरीके पर बड़े सवाल उठने लगते हैं। विधायक की ओर से की गई इस शिकायत में प्रशासन से यह सवाल पूछा गया है कि आखिर किसके इशारे पर या किस लापरवाही की वजह से नाम लिस्ट से हटाए गए?

सोशल मीडिया पर भी लोग मजे ले रहे हैं कि "अगर राजा भैया के परिवार के साथ ये हो सकता है, तो फिर आम आदमी की क्या बिसात!" लोग यह भी कह रहे हैं कि आखिर सर्वे के दौरान उन लोगों की क्या रिपोर्ट थी जो घर-घर जाकर डेटा चेक करते हैं। राजा भैया के घर के भीतर चल रही कानूनी खींचतान तो पुरानी खबर है, लेकिन वोटिंग जैसे संवैधानिक हक का गायब हो जाना अब नई बहस का मुद्दा बन गया है।

देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या सफाई देता है और क्या मुख्यमंत्री इस गड़बड़ी पर अफसरों की क्लास लगाते हैं या नहीं। खैर, आपके इलाके में क्या वोटर लिस्ट सब ठीक-ठाक है? एक बार चेक जरूर कर लीजिये, वरना 'राजा' के साथ जो हुआ वो किसी के साथ भी हो सकता है!